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पेगासस के बाद सेलिब्राइट! गाजा समर्थक एक्टिविस्टों पर नजर रखने के लिए जॉर्डन ने अपनाया ये तरीका

Chikheang 2026-1-24 17:56:57 views 1043
  

जॉर्डन में विरोध प्रदर्शन। (फाइल फोटो)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया के देश जॉर्डन में पेगासस के बाद सेलिब्राइट टूल्स के इस्तेमाल का खुलासा हुआ है। सिटिजन लैब की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा माना जा रहा है कि जॉर्डन के अधिकारी उन एक्टिविस्ट और प्रदर्शनकारियों के मोबाइल फोन से जानकारी निकालने के लिए एक इजरायली डिजिटल टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्होंने इजरायल की आलोचना की है और गाजा के समर्थन में आवाज उठाई है।

रिसर्चर्स ने बताया कि कई सालों की जांच में पूरे भरोसे के साथ यह पाया गया है कि जॉर्डन के सुरक्षा अधिकारी सिविल सोसाइटी के सदस्यों के खिलाफ सेलब्राइट द्वारा बनाए गए फोरेंसिक एक्सट्रैक्शन टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें दो राजनीतिक एक्टिविस्ट, एक स्टूडेंट ऑर्गनाइजर और एक मानवाधिकार रक्षक शामिल हैं।
क्या काम करता है सेलिब्राइट?

जब सेलिब्राइट के टूल को अथॉरिटीज इस्तेमाल करती हैं तो यह फोटो, वीडियो, चैट्स, फाइलें, सेव किए गए पासवर्ड, लोकेशन हिस्ट्री, वाई-फाई हिस्ट्री, फोन यूजेज रिकॉर्ड, वेब हिस्ट्री, सोशल मीडिया अकाउंट और कुछ मामलों में वह डेटा भी निकाल सकता है जिसे यूजर ने डिलीट करने की कोशिश की थी।

सिविल सोसाइटी के खिलाफ डिजिटल खतरों की जांच करने वाली सिटीजन लैब ने बताया कि जॉर्डन में अधिकारियों द्वारा पहले जब्त किए गए डिवाइस की फोरेंसिक जांच, साथ ही शोधकर्ताओं के साथ साझा किए गए कोर्ट रिकॉर्ड से पता चलता है कि अधिकारियों द्वारा सेलेब्राइट का इस्तेमाल संभवतः उन मानवाधिकार संधियों का उल्लंघन है जिन्हें जॉर्डन ने मंजूरी दी है।
चार मोबाइल फोन का किया गया एनालिसिस

शोधकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने जनवरी 2024 और जून 2025 के बीच चार मोबाइल फोन का एनालिसिस किया, जो जॉर्डन के सिविल सोसाइटी के उन सदस्यों के थे जिन्हें अधिकारियों ने हिरासत में लिया था, गिरफ्तार किया था या पूछताछ की थी और उन सभी का सेलिब्राइट का इस्तेमाल करके फोरेंसिक एक्सट्रैक्शन किया गया था। जिन लोगों को टारगेट किया गया था, उनके नाम जारी नहीं किए गए क्योंकि उन लोगों को बदले की कार्रवाई का डर था।
किन देशों में इस्तेमाल किया गया सेलिब्राइट?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेलेब्राइट प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी किया गया। इसमें म्यांमार और बोत्सवाना शामिल हैं। सिविल सोसाइटी के सदस्यों को टारगेट करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया। सर्बिया और बेलारूस में भी इसके इस्तेमाल के संकेत मिले हैं।

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