तमिलनाडु विधानसभा ने मनरेगा जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मनरेगा योजना को जारी रखने का आग्रह किया। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने पेश किया।
केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई नवीनतम ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-जी राम जी का जिक्र करते हुए स्टालिन ने कहा, \“प्रस्तावित नई योजना मनरेगा का स्थान लेगी और इसे इस तरह तैयार किया गया है कि
यह पूरे भारत में ग्रामीण लोगों की आजीविका, राज्यों की वित्तीय संरचना, स्थानीय निकायों की आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों को कमजोर करती है।\“
प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद भाजपा ने डीएमके और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या संविधान खतरे में नहीं है, जब संसद द्वारा पारित कानून की राज्य खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा, \“यदि भारत की संसद द्वारा कोई विधेयक विधिवत पारित कर दिया गया है और सुप्रीम कोर्ट ने न तो उस पर
आपत्ति जताई है और न ही रोक लगाई है, तो क्या किसी राज्य विधानसभा के पास उसके विरुद्ध विधेयक पारित करने का संवैधानिक अधिकार है।\“
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |