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बर्फबारी के बीच सिलक्यारा सुरंग से होकर आता जिलाधिकारी व सूचना अधिकारी का वाहन। जागरण
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोल गांव सुरंग से पहली बार जिलाधिकारी प्रशांत आर्य अपने वाहन से गुजरे हैं।
शुक्रवार को वह जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान में यमुनाघाटी के न्याय पंचायत नंदगांव के खरादी में आयोजित शिविर में ग्रामीणों की समस्याएं सुनने गये थे।
लेकिन, लौटते समय भारी बर्फबारी से यमुनोत्री हाईवे राड़ी टाप में बंद होने पर उन्हें जनपद मुख्यालय पहुंचने के लिए सिलक्यारा सुरंग का सहारा लेना पड़ा।
बता दें कि चारधाम सड़क परियोजना में निर्माणाधीन 4.5 किमी लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग नवंबर 2023 में उस समय सुर्खियों में आयी थी, जब सुरंग में हुए भारी भूस्खलन के चलते 41 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गये थे।
उन्हें सकुशल बाहर निकालने के लिए 17 दिन तक रेस्क्यू आपरेशन चला था। उस हादसे के बाद जनवरी 2024 में सुरंग का निर्माण दोबारा शुरु हुआ। 16 अप्रैल 2024 को सुरंग को सफलतापूर्वक ब्रेक थ्रू (आर-पार) कराया गया।
कार्यदायी संस्था एनएचआइडीसीएल के अनुसार सुरंग का निर्माण मार्च 2027 तक पूरा होगा।
इस सुरंग के बनने से शीतकाल में राड़ी टाप में बर्फबारी के चलते बंद होने वाले यमुनोत्री हाईवे के दौरान भी गंगा व यमुनाघाटी के बीच यातायात संभव होगा। साथ ही गंगोत्री व यमुनोत्री के बीच की दूरी करीब 26 किमी कम हो जायेगी।
डीएम प्रशांत आर्य ने बताया कि निर्माणधीन सुरंग से आने में उनके वाहन को 17 मिनट का समय लगा।
बताया कि वर्तमान में सुरंग में कीचड़ के साथ कई जगह मशीनें भी काम कर रही हैं, जिन्हें उनके वाहन के लिए दायें-बायें होना पड़ा।
कहा कि सुरंग का निर्माण पूरा होने के बाद वाहनों के आरपार होने में मुश्किल से पांच से सात मिनट का ही समय लगेगा। सुरंग से आने वाले वाहनों में डीएम के अलावा सूचना अधिकारी का वाहन भी शामिल था।
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