मौत का जाल है खतरनाक स्टंट
जागरण संवाददाता, बेतिया। रील से कमाई और प्रसिद्धि की चाह ने फिर दो जिंदगियों को छीन लिया। साठी रेलवे स्टेशन के समीप रील बनाने के दौरान अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर दो किशोरों की मौत हो गई। रील के माध्यम से कमाई और इंटरनेट पर प्रसिद्धि की चाह ने उनकी जान ले ली।
खासकर, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और इंटरनेट के अन्य प्लेटफॉर्म पर बनने वाले रील में स्टंट करना एक खतरनाक ट्रेंड बन चुका है। लाइक्स और फॉलोअर्स की चाहत में कई युवा अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क, ट्रेन, पुल और ऊंची इमारतों पर खतरनाक करतब दिखा रहे हैं। खतरनाक स्टंट के कारण युवाओं की जान भी जा रही है।
हादसे में युवाओं की मौत
हाल ही में जिले के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां रील बनाने के दौरान हादसे में युवाओं की मौत हो गई। कई मामलों में घायल होकर युवा जिंदगी भर के लिए अपंग हो गए।
मनोरंजन के नाम पर हो रही यह लापरवाही न सिर्फ खुद के लिए बल्कि, दूसरों के लिए भी खतरा बनती जा रही है। कई बार स्टंट करते समय आसपास के लोग भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।
रील बनाने में डूबने से हुई थी दो की मौत
14 सितंबर 2024 को लौरिया के बसंतपुर गांव के पास करताहा नदी में छलांग लगाकर रील बनाने गए चार किशोर में तीन नदी में डूब गए थे। जिसमें दो किशोरों की मौत हो गई थी। घटना में छरदवाली तिवारी टोला के मोहन यादव के पुत्र सचिन कुमार (15) व जयप्रकाश सिंह के पुत्र प्रिंस कुमार (16) ने जान गंवा दिया था।
गोताखोरों के करीब चार घंटे के प्रयास के बाद डूबे दोनों किशोरों का शव नदी से निकाला था। दो जून 2025 को रील बनाने के दौरान मथौली तिरहुत कैनाल में डूबने से दो किशोरों की मौत हो गई।
कालीबाग थाना क्षेत्र के उतरवारी पोखरा निवासी सत्य प्रकाश पटेल के 16 वर्षीय पुत्र रौशन पटेल व मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परबतिया टोला निवासी राजेश राम का 17 वर्षीय पुत्र कुलदीप कुमार ने रील के चक्कर में जान गंवा दिया था। जबकि वर्ष 2024 में सिकटा के ओरिया नदी पुल पर चलती ट्रेन के साथ सेल्फी लेने के दौरान एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। 2025 में ही मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मंशा टोला के समीप रील बनाने के दौरान ट्रेन से कट कर दो युवकों की मौत हो गई थी।
अपील के बाद भी नहीं मान रहे हैं युवा
खतरनाक स्टंट से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं से अपील की जा रही है कि वे स्टंट करते हुए वीडियो न बनाएं और सुरक्षित स्थानों पर ही रचनात्मक कंटेंट तैयार करें। बावजूद युवा नहीं मान रहे हैं।
आरएलएसवाई कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. कामता प्रसाद का मानना है कि इस तरह की प्रवृत्ति के पीछे मान्यता पाने की चाह और इंटरनेट एडिक्शन सबसे बड़ी वजह है। युवाओं को चाहिए कि वे अपनी प्रतिभा को सुरक्षित और रचनात्मक तरीके से सामने लाएं। माता-पिता को भी अपने बच्चों पर नजर रखनी होगी ताकि वे खतरनाक ट्रेंड्स का शिकार न बनें। |
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