search
 Forgot password?
 Register now
search

5 करोड़ की हैसियत पर 117 करोड़ का काम? रामपुर की इस फर्म ने ऐसे किया बड़ा फर्जीवाड़ा, अब फंसी!

Chikheang Yesterday 22:56 views 483
  

न‍िर्माणाधीन पुल



जागरण संवाददाता, रामपुर। मिलक रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के 25 करोड़ के टेंडर लेने के लिए एएम बिल्डर्स फर्म फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करने के आरोपों में घिर गई है। बरेली जनपद के मीरगंज क्षेत्र के विधायक के शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए मंडलायुक्त ने प्रकरण की जांच कराई थी। जांच में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर गृह विभाग के सचिव ने एसपी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने एएसपी को मामले की जांच सौंपी है।

मिलक क्षेत्र में पटवाई मार्ग के मध्य मंडी समिति के सामने रेल ट्रैक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए वर्ष 2023 में राज्य सेतु निगम ने 25 करोड़ का टेंडर जारी किया था। शर्त के अनुसार, अनुमानित बजट के तिहाई हिस्से के काम का अनुभव रखने वाली फर्म को ही टेंडर में प्रतिभाग करना था।

ऐसे में लगभग आठ करोड़ या उससे ऊपर का काम करा चुकीं फर्मों ने इसमें हिस्सा लिया। आरोप है कि मुरादाबाद स्थित राज्य सेतु निगम की ओर से जारी टेंडर एएम बिल्डर्स फर्म के पक्ष में जारी कर दिया गया। फर्म के प्रोपराइटर जावेद अली खान ने अनुभव के नाम पर 574.09 लाख की हैसियत के विपरीत 117 करोड़ के काम कराने का अनुभव पत्र दे दिया।

यह पत्र लोक निर्माण विभाग बरेली की ओर से जारी किया गया। मीरगंज के विधायक डीसी वर्मा ने प्रकरण की शिकायत मंडलायुक्त मुरादाबाद से की। उन्होंने राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता से प्रकरण की जांच कराई। उन्होंने रिपोर्ट में फर्म का अनुभव 574.09 लाख दर्शाते हुए गड़बड़ी का अंदेशा जताते हुए रिपोर्ट सौंप दी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

इसके बाद मिलक निवासी खेमेंद्र गंगवार ने गृह सचिव को शिकायती पत्र देते हुए फर्म के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ठेका हासिल करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही आरोपित फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। एसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि प्रकरण की जांच एएसपी अनुराग सिंह को सौंप दी गई है, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, प्रकरण की जांच करने वाले राज्य सेतु निगम के तत्कालीन उप परियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व जांच की थी, उस समय उन्हें जो भी दस्तावेज मिले थे, उसी के अनुरूप जांच रिपोर्ट तैयार कर लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता को सौंप दी गई थी।




यह भी पढ़ें- रामपुर पायल मर्डर केस: 3 टुकड़ों में मिली थी लाश, मंगेतर जहांगीर समेत 6 गुनहगारों का अब होगा \“Final Game\“!
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
156126

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com