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नोएडा के सेक्टर-150 में बीते दिनों खुले 40 फीट गहरे पानी भरे बेसमेंट में कार गिरने से 27 वर्षीय टेक इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई। दो घंटे तक जिंदगी की जंग और सिस्टम की देरी ने एक जान ले ली। वहीं युवराज मेहता की मौत का आखिरी वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वो मदद की गुहार लगाए देखे जा सकते हैं।
सामने आया आखिरी वीडियो
सामने आए वीडियो में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज सिंह की आखिरी कोशिश दिखाई दे रही है। उनकी कार नोएडा सेक्टर 62 में उनके अपार्टमेंट के पास 80 फुट गहरे, पानी से भरे एकगड्ढे में गिर गई थी। वीडियो में दिख रहा है कि युवराज अपनी कार की छत पर बैठे हुए थे और करीब दो घंटे तक स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के अंदर से मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर मदद का इशारा करते रहे, लेकिन उनका SOS सिग्नल किसी ने नहीं देखा।
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मामले में दो और की हुआ गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दो और बिल्डरों को गिरफ्तार किया है। लोटस ग्रीन से जुड़े रवि बंसल और सचिन कर्णवाल को नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन ने हिरासत में लिया है। इससे एक दिन पहले पांच बिल्डरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। वहीं विश टाउन के बिल्डर अभय कुमार को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। पुलिस का कहना है कि लापरवाही करने वाले बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
Another saddening video of 27 year old techie shows mediocre efforts by specialised authorities ultimately leading to his death in Noida\“s Sector 150. PS: The white dot you see in this video is the flashlight from victim Yuvraj Mehta\“s phone seeking help! pic.twitter.com/2OT0NR5RG6 — Harsh Trivedi (@harshtrivediii) January 22, 2026
चार दिन बाद निकाली गई कार
हादसे के चार दिन बाद मंगलवार को जांच तेज होने पर घटना में शामिल कार को बाहर निकाला गया। इस मामले में लापरवाही, कमजोर सुरक्षा इंतज़ाम और बचाव कार्य में देरी के आरोप लगाए जा रहे हैं। पीड़ित के पिता ने कहा कि अगर समय रहते विशेषज्ञों की मदद मिल जाती, तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “अगर एक्सपर्ट गोताखोर तुरंत अंदर जाते, तो शायद मेरा बेटा आज ज़िंदा होता। जब कार पानी में डूब रही थी, तब युवराज लगातार मदद के लिए चिल्लाता रहा।”
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार से अपनी जांच शुरू कर दी है। यह तीन सदस्यीय टीम भानु भास्कर की अगुवाई में काम कर रही है। टीम ने हादसे की जगह का निरीक्षण किया और घटना की वजह जानने के लिए नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों से भी बातचीत की। SIT को पांच दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। |
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