दिवंगत सौरभ यादव, फाइल फोटो। स्रोत स्वजन
संवाद सत्र, मलवां (फतेहपुर)। प्रेमिका से मिलने आए प्रेमी की फैक्ट्री कर्मी ने सोमवार देर रात अपने ससुर व दोस्त के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। शव सरांय शहजादा गांव के किनारे हरसिंहपुर रोड पर पड़ा मिला। मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने रक्तरंजित शव देखा तो पुलिस को सूचना दी। दिवंगत के दाएं हाथ में एसवाई व बाएं हाथ में पारुल नाम गुदा था। ग्रामीणों से दिवंगत की शिनाख्त होते ही सनसनीखेज हत्याकांड में पुलिस ने हत्यारोपित तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
मलवां थाने के बेनीहरसिंहपुर गांव में रहने वाले बबलू पटेल बकेवर थाने के रतनपुर गांव में पत्नी रिंकी को लेकर ससुर अभिमन्यु के साथ रहता है। ससुराल में रहकर बबलू चौडगरा औद्यौगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। रतनपुर गांव में ही पुच्चा यादव की बहन इटावा जिले के चौबिया थाने के टकपुरा में ब्याही है। डेढ़ वर्ष पूर्व पुच्चा के मां की मौत हो गई थी तो इनकी बहन के गांव चौबिया में रहने वाला 30 वर्षीय सौरभ यादव पुत्र भारत यादव अंतिम संस्कार में शामिल होने आया था।
यहां सौरभ का पड़ोसी अभिमन्यु सिंह से भी संपर्क हो गया और प्रेम प्रसंग होने पर इसकी पुत्री को अगवा कर ले गया था। तबसे वह उक्त युवती को अपने घर में रख लिया। इधर एक माह पूर्व युवती बिना बताए इटावा से फैक्ट्री कर्मी बहनोई के घर आ गई। सौरभ यादव को ये बात पता चली कि वह सोमवार दोपहर मलवां थाने के बेनीहरसिंहपुर गांव स्थित फैक्ट्री कर्मी बबलू पटेल के घर आ गया।
क्ट्री कर्मी व इसके घर वालों ने समझाकर वापस कर दिया लेकिन वह रात को फिर घर आ गया। जिस पर फैक्ट्री कर्मी अपने ससुर अभिमन्यु सिंह व दोस्त संजय पटेल निवासी बेनीमाधवपुर, मलवां को बुलाकर सौरभ यादव की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। बताते हैं कि घर वाले युवती की शादी दूसरी जगह करना चाहते थे, इसलिए रास्ते से हटा दिया।
एसओ बोले, आज पुलिस करेगी राजफाश
एसओ राजकिशोर ने बताया कि साली से प्रेम प्रसंग के चलते फैक्ट्री कर्मी बबलू ने अपने ससुर अभिमन्यु व दोस्त के साथ मिलकर सौरभ यादव की हत्या कर दी। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।अभिमन्यु सिंह मूल रूप से मलवां थाने के सौरां गांव के रहने वाले हैं लेकिन यहां की पैतृक संपत्ति बेचकर बकेवर थाने के रतनपुर गांव में परिवार समेत बस गए। बुधवार को घटना का राजफाश किया जाएगा।
सौरभ के घर व खेत बेचने पर युवती घर गई
दिवंगत के भाई अरविंद यादव ने बताया कि सौरभ डेढ़ वर्ष पूर्व रिश्तेदार पुच्चा यादव की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने गया था। तभी युवती रजामंदी से भाई सौरभ के साथ इटावा आ गई थी और फिर दोनों सूरत चले गए। युवती के पिता, बहनोई आदि स्वजन मिलने भी आते थे। कानपुर में किसी नमकीन फैक्ट्री में भाई की नौकरी भी युवती के पिता ने ढाई माह पूर्व लगवाई थी। इधर सौरभ ने आठ माह पूर्व अपने हिस्से के पैतृक घर 1 लाख 30 हजार में बेच दिया। फिर ढाई बिस्वा भूमि भी 70 हजार में बेच दिया। युवती ने जब देखा कि घर बेच दिया और खेत भी बेच दिया तो वह 70 हजार रुपये लेकर सौरभ को बिना बताए फतेहपुर चली गई थी। सौरभ की पहली पत्नी भी चार साल पहले छोड़कर चली गई थी।
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