संवाद सहयोगी, वृंदावन। नाभापीठ सुदामा कुटी के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतिम दिन बुधवार को यमुना किनारे देवराहा बाबा घाट पर नाभापीठाधीश्वर जगद्गरु सुतीक्ष्णदास के सान्निध्य में संतों व भक्तों ने यमुना महारानी का पूजन कर आरती उतारी और चुनरी ओढ़ाई।
यमुना किनारे देवराहा बाबा घाट पर बुधवार को स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य के सान्निध्य में साकेतवासी संत सुदामादास को पुष्पांजलि देने के साथ भगवान कौशलकिशोर की विशेष पूजा अर्चना की गई। श्रीराम महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ यमुना किनारे देवराहा बाबा घाट पर चुनरी मनोरथ का आयोजन हुआ। जिसमें संतों व भक्तों ने मां यमुना को चुनरी ओढ़ाई।
स्वामी सुतीक्ष्णदास ने कहा दादागुरु के शताब्दी वर्ष समारोह का सफल आयोजन उनके आशीर्वाद से संभव हुआ। महंत अमर दास, महंत जयराम देवाचार्य, महंत रामरस दास, महंत अवधेश दास, महंत राघव दास, महंत रामरतन दास, कृष्णम त्रिपाठी, गोपेश दास, मनमोहन दास, मोहन लाल शर्मा, भरत लाल शर्मा, नंदकिशोर अग्रवाल समेत अनेक लोग मौजूद रहे। |