LHC0088 • 3 hour(s) ago • views 515
कैरेट घटाकर कीमतों में संतुलन
जागरण संवाददाता, पटना। लग्न की शुरुआत होते ही बाजार में रौनक बढ़ने लगी है, लेकिन इस बार शादी-विवाह की तैयारियों पर सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों ने असर डाल दिया है। बीते कुछ महीनों से लगातार बढ़ रहे दामों के कारण खरीदार और दुकानदार दोनों नई रणनीति अपनाने को मजबूर हैं। पटना सहित पूरे बिहार में सर्राफा बाजार में हलचल तो है, लेकिन खरीदारी का तरीका पहले से काफी बदल गया है।
सोना-चांदी महंगे, सोच-समझकर खरीदारी
पटना के सर्राफा बाजार के दुकानदारों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतें दिन-प्रतिदिन बढ़ रही हैं। ऐसे में शादी के लिए गहने खरीदने आने वाले ग्राहक पहले जितनी भारी खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। लोग अब बजट तय कर ही बाजार पहुंच रहे हैं और डिजाइन, वजन व कीमत, तीनों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
दुकानदारों की सलाह: वजन नहीं, डिजाइन पर दें ध्यान
दुकानदार ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि भारी गहनों की जगह हल्के और आकर्षक डिजाइन वाले आभूषण चुनें। कई ज्वेलर्स का कहना है कि कम वजन में भी ऐसे डिजाइन उपलब्ध हैं, जो देखने में भव्य लगते हैं और कीमत भी नियंत्रित रहती है। इससे शादी की रस्मों में जरूरत भी पूरी हो जाती है और बजट भी नहीं बिगड़ता।
हीरे के गहनों की मांग में उतार-चढ़ाव
हीरे से बने गहनों की मांग को लेकर भी दिलचस्प स्थिति है। कुछ दुकानदारों का कहना है कि सोने की महंगाई के कारण मध्यम वर्ग का एक हिस्सा डायमंड ज्वेलरी की ओर रुख कर रहा है, खासकर छोटे सेट और अंगूठियों में। हालांकि, बड़े हीरे के गहनों की मांग में गिरावट देखी जा रही है। कीमत के स्तर पर भी डायमंड ज्वेलरी में स्थिरता है, जिससे कुछ खरीदार इसे विकल्प के तौर पर देख रहे हैं।
पुराने गहनों को नया लुक देने का ट्रेंड
बढ़ती कीमतों के बीच पुराने गहनों को नया रूप देने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। कई परिवार अपनी पुरानी चेन, कंगन या हार को गलवाकर नए डिजाइन में ढलवा रहे हैं। इससे अतिरिक्त सोना खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और खर्च भी कम होता है। ज्वेलर्स के मुताबिक, री-डिजाइनिंग और एक्सचेंज काउंटर पर पहले से ज्यादा भीड़ दिख रही है।
कैरेट घटाकर संतुलन की कोशिश
बाजार में कीमतों को संतुलित रखने के लिए कैरेट घटाने का प्रयोग भी किया जा रहा है। 22 कैरेट की जगह 18 या 20 कैरेट के गहनों की मांग बढ़ी है। इससे कीमत कुछ हद तक कम हो जाती है और ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी कर पाते हैं। इसके अलावा चांदी और मिश्रित धातुओं के डिजाइनर गहने भी विकल्प के रूप में उभर रहे हैं।
शादी वाले घरों की परेशानी भी हकीकत
जिन घरों में शादी है, वहां चिंता साफ दिखती है। पटना के एक ग्राहक ने बताया कि तय बजट में सभी रस्मों के लिए गहने खरीदना मुश्किल हो रहा है। परिवार अब प्राथमिकता तय कर रहा है, कहां सोना जरूरी है और कहां हल्के विकल्प से काम चल सकता है।
पटना और बिहार का बड़ा बाजार, मांग में बदलाव
पटना और बिहार का सोना-चांदी व हीरे का बाजार हजारों करोड़ रुपये का माना जाता है। मांग बनी हुई है, लेकिन मात्रा में बदलाव आया है। पहले जहां वजन के हिसाब से खरीदारी होती थी, अब डिजाइन, कैरेट और विकल्पों के आधार पर सौदे तय हो रहे हैं। साफ है कि महंगाई के बीच भी शादी का बाजार रुका नहीं है, बस उसने अपना रास्ता बदल लिया है। |
|