सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, पटना। एटीएम बूथ में मदद के नाम पर डेबिट कार्ड बदलकर खाते से रकम निकासी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार साइबर ठगों गिरफ्तार कर लिया गया है। बिहार एसटीएफ की मदद से पटना साइबर थाने की पुलिस ने इन्हें दबोचा है। इनके पास से चार मोबाइल बरामद किया है। पूछताछ में इस गिरोह के दर्जनभर से अधिक सदस्यों का नाम भी उजागर हुआ, जिनकी तलाश में साइबर थाने की पुलिस छापेमारी कर रही है।
आरोपितों की पहचान धीरज कुमार, प्रवीण कुमार, आनंद कुमार और विजय कुमार सिंह के रूप में हुई। सभी बोधगया और गयाजी के निवासी है। धीरज इस गिरोह का सरगना है। यह गिरोह संगठित रूप से लंबे समय से राज्य के भीतर और राज्य के बाहर एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। बिहार के अलावा झारखंड और मध्य प्रदेश में भी सक्रिय था।
बुजुर्गों और महिलाओं को बनाते थे निशाना
गिरफ्तार अपराधियों के खिलाफ पटना साइबर थाना पिछले साल केस दर्ज हुआ था। आरोपितों की पहचान के बाद साइबर थाना पुलिस और एसटीएफ इनकी तलाश में जुटी थी। तकनीकी अनुसंधान कर पुलिस इन सभी को अलग अलग जिलों से गिरफ्तार किया।
यह गिरोह एटीएम बूथों पर बुजुर्गों और महिलाओं को निशाना बनाता था। मदद के बहाने उनका एटीएम कार्ड बदल लेते या पिन नंबर जानकर खाते से रुपये निकाल लेते थे। बिना गार्ड वाले एटीएम निशाने पर रहते थे। कई बार यह गैंग एटीएम के कार्ड रीडर में फेवीक्विक डाल देते थे। ताकि कार्ड मशीन में फंस जाए। बूथ में नंबर पर लिख देते थे, जिसे इंजीनियर का बताते थे।
बिहार के कई जिलों में सक्रिय
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित पटना के अलावा हाजीपुर, आरा, सासाराम समेत बिहार के कई जिलों में सक्रिय थे। इतना ही नहीं, झारखंड के जमशेदपुर, रांची, धनबाद और मध्य प्रदेश के सतना रीवा, सतना सहित अन्य स्थानों पर भी इन्होंने कई बार एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम दिया है। |