राज्य ब्यूरो, लखनऊ। वर्ष 2027 में सत्ता पाने का तानाबाना बुन रही समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने और सीधे जनता में पकड़ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार हर जिले का अलग-अलग घोषणा पत्र बनाया जाएगा। मंगलवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी सांसदों के साथ बैठक कर उनके संसदीय क्षेत्र में शामिल विधानसभा क्षेत्रों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में किए गए काम का फीडबैक लिया। जनता को छूने वाले मु़द्दों चर्चा की गई। इस दौरान और विधानसभा चुनाव के लिए संभावित दावेदारों के नामों पर भी बात हुई।
बैठक में सपा प्रमुख ने कहा कि सभी सांसदों को दिन-रात मेहनत करनी है। जनता के सुख-दुख में साथ रहकर उनके मुद्दों के लिए लड़ना है। सूत्रों के अनुसार सासंदों से एक-एक विधानसभा क्षेत्र की स्थिति, समीकरण और वहां पार्टी नेताओं की सक्रियता के संबंध में जानकारी ली गई। उनके क्षेत्रों के प्रमुख और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसके आधार पर ही जिलेवार घोषणा पत्र बनाए जाएंगे। सपा प्रमुख ने वर्ष 2024 का उदाहरण देते हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत के लिए काम करने के निर्देश दिए। सभी को आपसी मतभेदों को पीछे छोड़ने की नसीहत दी। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा शासन में संविधान खतरे में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हमेशा लोकतंत्र के साथ नाइंसाफी की है।
संविधान के साथ धोखा किया है। भाजपा एसआइआर में धांधली करना चाहती है। पीडीए के अधिकारों को छीना जा रहा है। उन्होंने इन सभी मुद्दों को जनता के बीच ले जाने और सपा की सरकार बनने पर न्याय के राज की स्थापना का भरोसा दिलाने के निर्देश दिए।
वहीं उत्तर प्रदेश फार्मेसी ग्रेजुएट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सपा प्रमुख को ज्ञापन सौंपकर फार्मासिस्ट भर्ती में बी फार्मा के बेरोजगार छात्रों को भी शामिल कराने का आग्रह किया है।
धृतराष्ट्र बन गए हैं मुख्यमंत्री
बैठक में सपा प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री जी धृतराष्ट्र बन गए हैं। सनातन संस्कृति और विरासत को नष्ट किया जा रहा है, लेकिन सब देखकर भी अनदेखा कर रहे है। भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार चरम पर है। मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। भाजपा सरकार में जितने मंदिर तोड़े गये उतना किसी राजा के कार्यकाल में नहीं तोड़े गए।
यह सरकार लोगों के अधिकारों को कुचल रही है। भाजपा ने शंकराचार्य जी का अपमान किया। महारानी अहिल्या बाई होल्कर को अपमानित किया। माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है। भाजपा को कमिश्नर की जगह ‘कमीशनर’ की नयी पोस्ट बना देनी चाहिए। कुछ तो है, जिसमें हिस्सेदारी है।
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