जागरण संवाददाता, बलिया। रेवती क्षेत्र के उदहा गांव का कच्चा रास्ता और गांव में गर्भवती महिला को हुई प्रसव पीड़ा के बाद परिवार के लोगों ने 102 एम्बुलेंस सेवा पर काल घुमाया। लखनऊ कंट्रोल से तत्काल इलाके में एक्टिव एम्बुलेंस के चालक अभिनव राव को फोन कर मरीज की लोकेशन बताई गई। सूचना मिलते ही महज चार मिनट में ही एम्बुलेंस पहुंच गई और कच्चे और क्षतिग्रस्त रास्तों के बावजूद महज 13 मिनट में रेवती सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) पहुंचा दिया।
हालांकि गर्भवती की हालत गंभीर होने पर जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। ऐसे में एम्बुलेंस ने जाम और भीड़-भाड़ के बावजूद 30 किलोमीटर की दूरी सिर्फ 50 मिनट में तय कर गर्भवती की जान बचाई। यह कहानी सिर्फ प्रभा देवी की नहीं बल्कि पिछले ढाई महीने की नौकरी 600 से अधिक मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचाकर मऊ जिले के भुजहीं गांव निवासी अभिनव ने जान बचाई है।
दुर्घटना, बीमारी या गर्भावस्था में अस्पताल तक पहुंचने के बीच गुजरता समय मरीज को पल-पल मौत की ओर ले जाता है। ऐसे में एम्बुलेंस समय पर उन्हें अस्पताल पहुंचाकर जिंदगी की ओर लाती है। जनपद में 108 और 102 सेवाओं की 38-38 एम्बुलेंस संचालित है। गर्भवतियों के लिए 102 सेवा, जबकि दुर्घटना और रोग के साथ आपात मामलों में 108 एम्बुलेंस के पायलट (चालक) और सहयोगी ईएमटी बेहतरीन भूमिका निभा रहे है।
गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होंगे एम्बुलेंस चालक और ईएमटी
बलिया: एम्बुलेंस सेवाओं में बेहतरीन कार्य कर तय समय से पूर्व ही मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने और मेडीकल मदद मुहैया कराने वाले दस एम्बुलेंस चालक और ईएमटी गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किए जाएगें। 108 व 102 एम्बुलेंस सेवाओं के प्रोग्राम मैनेजर प्रभाकर यादव ने बताया कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों का उत्साह वर्धन भी जरुरी है। गणतंत्र दिवस पर सीएमओ के हाथों चालक अभिषेक राव, राजेंद्र, मुरली चौहान, अजय कुमार, बंश और ईएमटी राजकुमार, अनीता और सोनाली समेत दस कर्मचारियों का सम्मान होगा।
पिछले 72 घंटे के आंकड़े
- खेजुरी निवासी विश्वजीत को पेट दर्द होने पर पहुंची एम्बुलेंस ने सिर्फ आठ मिनट में तीन किमी देरी तय कर मरीज को खेजुरी सीएचसी पहुंचाया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद मरीज को जिला अस्पताल लेकर आई।
- रेवती क्षेत्र में कृष्णा को सांस लेने में तकलीफ होने पर सिर्फ 14 मिनट में छह किमी की दूरी तय कर एम्बुलेंस ने मरीज को रेवती सीएचसी पहुंचाया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल भी छोड़ा।
- सिकंदरपुर के जमुई गांव निवासी बुजुर्ग राधिका देवी को सांस लेने में तकलीफ हुई तो 15 मिनट में सात किमी दूरी तय कर एम्बुलेंस ने अस्पताल पहुंचाया।
- मारपीट में घायल हथौज निवासी बनारसी को 11 मिनट में अस्पताल पहुंचाया। |
|