आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में मधुबनी ने बनाया रिकॉर्ड, सूबे में मिला पहला स्थान
जागरण संवाददाता, मधुबनी। मधुबनी जिले ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत डिजिटल हेल्थ सेवाओं के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है। इएचआर (इलेक्ट्रानिक हेल्थ रिकॉर्ड) और आभा एप (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) के माध्यम से स्कैन-एंड-शेयर सिस्टम से ओपीडी कार्यान्वयन के मामले में मधुबनी पूरे बिहार में प्रथम स्थान पर रहा है।
दिसबंर माह की रैकिंग में शिवहर पांचवें, पश्चिम चंपारण 10वें, सीतामढ़ी 11वें, दरभंगा 15वें, समस्तीपुर 18वें एवं मुजफ्फरपुर 21वें स्थान पर रहा।
मधुबनी तीन महीनों से आभा आईडी निर्माण में राज्य में शीर्ष स्थान बनाए हुए है। मधुबनी में दिसंबर माह में 76,008 ओपीडी रजिस्ट्रेशन हुए, जिनमें शत-प्रतिशत स्कैन एंड शेयर किया गया। इसी अवधि में 31,943 नई आभा आईडी बनाई गईं, जबकि अब तक कुल 24.2 लाख आभा आईडी बनाई की जा चुकी हैं।
आभा आईडी निर्माण में जिला वर्तमान में छठवें स्थान पर है। इससे पहले नवंबर माह में भी 84,424 ओपीडी रजिस्ट्रेशन हुए, जिनमें स्कैन एंड शेयर में करीब 102 प्रतिशत यानी 86,374 उपलब्धि रही। जिले में ओपीडी आने वाले तमाम मरीजों को अब डिजिटली रिकॉर्ड रखा जा रहा है। इससे किसी भी मरीज को आभा आईडी से उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी मिल जाएगी।
डॉक्टरों को भी इलाज करने में परेशानी नहीं होगी। इस पहल से अब जिले में प्रत्येक मरीज का उपचार, दवा, जांच रिपोर्ट और टीकाकरण रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि मरीजों को भी अपने स्वास्थ्य संबंधी सभी रिकॉर्ड एक ही स्थान पर देखने की सुविधा मिल रही है।
सभी स्वास्थ्य सुविधाओं का डिजिटल एकीकरण:
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल रूप से एकीकृत करना है, ताकि प्रत्येक नागरिक का स्वास्थ्य रिकॉर्ड एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध हो। इस पहल के तहत नागरिकों का आभा आईडी (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाया जा रहा है, जिससे मरीज का पूरा हेल्थ रिकॉर्ड लिंक होकर किसी भी समय आभा ऐप या अन्य एबीडीएम -सपोर्टेड प्लेटफ़ॉर्म पर देखा जा सकता है।
मधुबनी की डिजिटल उपलब्धियां:
सिविल सर्जन डॉ. हरेन्द्र कुमार ने बताया कि मिशन के अंतर्गत सरकारी और निजी दोनों स्वास्थ्य संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर आईडी) तैयार किया जा रहा है, जिसमें हॉस्पिटल, फार्मेसी, लेबोरेटरी, ब्लड बैंक और मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इसी प्रकार, सभी हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट एवं पैरामेडिकल स्टाफ का हेल्थ केयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री ( एचपीआर आईडी) बनाया गया है।
मधुबनी जिले में सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का एचएफआर एवं एचपीआर कार्य 100 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, जबकि निजी क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत हॉस्पिटल्स और 60 प्रतिशत फार्मेसी का पंजीकरण पूरा हो गया है। शेष संस्थानों पर कार्य तेजी से जारी है।
दिसंबर 2025 में उत्तर बिहार के जिलों की ये रही रैंकिंग
जिला निबंधन स्कैन प्रतिशत (%) रैंकिंग
मधुबनी
76008
78254
103
1
शिवहर
17416
17058
98
5
पश्चिम चंपारण
54887
52613
96
10
सीतामढ़ी
72647
69748
96
11
दरभंगा
64474
60845
94
15
समस्तीपुर
93075
87311
94
18
मुजफ्फरपुर
84080
78022
93
21
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