आरोपित खालिद।
सोबन सिंह गुसांई, जागरण देहरादून। सरकारी नौकरी की चाह में खालिद किसी भी हद तक जाने को तैयार था। सीबीआइ जांच में पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड खालिद का एक और फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है।
जांच में सामने आया है कि खालिद ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) व उत्तराखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (यूकेपीएससी) की 16 परीक्षाओं में गलत जानकारी देकर आवेदन किया था।
दोनों आयोगों की ओर से सरकारी नौकरी के लिए जो भी विज्ञापन जारी किया गया, खालिद ने उन्हीं में ही आवेदन किया। जबकि आवेदन के लिए जो अर्हता मांगी गई थी, वह खालिद के पास नहीं थी।
खालिद इनमें से किसी परीक्षा को पास नहीं कर पाया। यदि वह परीक्षा को पास कर लेता तो फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर सकता था। इसी मामले में एक मुकदमा 31 दिसंबर 2025 को यूकेएसएससी की ओर से रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अब बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद खालिद के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हो सकता है। सीबीआइ इसकी सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल करेगी।
तीन पर्चे हुए थे आउट
यूकेएसएसएससी की ओर से 21 सितंबर 2025 को स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा कराई गई थी। खालिद ने हरिद्वार के बहादुरपुर जट स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कालेज से पेपर के तीन फोटो आउट किए, जोकि इंटरनेट पर प्रसारित हो गए।
इस मामले एसआइटी को असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के पास प्रश्नों के फोटोग्राफ्स भेजने की जानकारी मिली। सुमन को पूछताछ के लिए लाया गया।
22 सितंबर को रायपुर थाने में आरोपित सुमन, अभ्यर्थी खालिद, उसकी बहन साबिया और हिना के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।
आरोपित सुमन, खालिद व साबिया जेल में हैं। इस मामले में 22 दिसंबर को चार्जशीट दाखिल की गई थी।
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