बीजापुर मुठभेड़ में शीर्ष माओवादी पापाराव के मारे जाने का दावा।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में हुई मुठभेड़ के बाद तेलंगाना भाजपा ने दावा किया है कि इस कार्रवाई में शीर्ष माओवादी पापाराव उर्फ मोंगू मारा गया है। भाजपा की तेलंगाना इकाई ने इस संबंध में इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी साझा की है।
हालांकि, छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। शनिवार से शुरू हुई इस मुठभेड़ में अब तक छह माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।
इन पर 27 लाख का इनाम था। इस कार्रवाई में नेशनल पार्क एरिया कमेटी के डीवीसीएम दिलीप बेड़जा के ढेर होने को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
बीजापुर मुठभेड़ में पापाराव के मारे जाने का दावा
मुठभेड़ स्थल से दो एके-47 राइफलें और भारी मात्रा में विस्फोटक मिले हैं। बता दें कि पापाराव मूल रूप से तेलंगाना के जगतियाल जिले का निवासी था और पिछले दो दशकों से बस्तर के जंगलों में सक्रिय था।
वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य था। उसका नाम 2010 के दंतेवाड़ा हमले से भी जुड़ा है। पिछले एक वर्ष में छत्तीसगढ़ में माओवाद के विरुद्ध अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंचा है। यदि पापाराव के मारे जाने की पुष्टि होती है, तो यह माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका होगा।
छह माओवादियों के शव बरामद
लाख के इनामी नौ माओवादियों का समर्पण गरियाबंद जिले के सीनापाली एरिया कमेटी और एसडीके एरिया कमेटी के पूरे नेतृत्व ने एक साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
सोमवार को जिला मुख्यालय में नौ सक्रिय माओवादियों ने तीन एके-47, दो एसएलआर और एक 303 राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया।
इन पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस समर्पण के साथ गरियाबंद-ओडिशा सीमा पर सक्रिय दो महत्वपूर्ण माओवादी कमेटियों का पूरी तरह अंत हो गया है।
समर्पण करने वालों में डिवीजन सचिव अंजू उर्फ कविता, सीनापाली प्रभारी बलदेव उर्फ वामनवट्टी, डीबीसीएम सदस्य डमरू उर्फ महादेव और एरिया कमेटी सचिव सोनी उर्फ बुदरी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। |
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