सिविल डिफेंस वॉलेंटियर्स को लेकर डीएम को दिए गए निर्देश।
वीके शुक्ला, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार से सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स के बारे में रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि जारी ऑपरेशन सिंदूर के तहत पड़ोसी देश के साथ युद्ध की आशंका को देखते हुए यह तैयारी की जा रही है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने दिल्ली के सभी डीएम को अपने जिले की समीक्षा कर पंजीकृत सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स का नवीनीकरण करने के लिए कहा है। जिसमें उन्हें लोगों को इस सूची में शामिल करने के लिए कहा गया है, जाे किसी भी उत्पन्न होने वाली आपातकालीन स्थिति में जरूरत पड़ने पर आगे आकर अपनी सेवा दे सकें।
बता दें कि किसी भी आपदा के समय सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर की प्रमुख भूमिका रहती है। चाहे वह भूकंप हो, बाढ़ हो या किसी इमारत जैसी गिरने जैसी घटना हो युद्ध ही क्यों न रहा हाे। किसी भी तरीके के मामले में सबसे आगे सिविल डिफेंस के लोग सेवा देने के लिए आगे रहते हैं। कोरोना काल में भी ये लोग अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
पूर्व में अपील के बावजूद सामने नहीं आए थे वॉलेंटियर्स
मगर सरकार को उसे समय झटका लगा था, जब कुछ माह पहले पाकिस्तान से युद्ध के दौरान विभिन्न डीएम की ओर से की गई अपील के बाद भी बहुत से सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स अपने घर से नहीं निकले थे। इन लोगों के नहीं पहुंचने पर अधिकारियों ने चिंता जताई और सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स के पंजीकरण सूची को अपडेट करने का सुझाव दिया था।
इसी बीच गत दो दिसंबर काे केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को एक लिखित संदेश भेजकर सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स के बारे में रिपोर्ट मांगी है। जिसमें पूछा गया है कि दिल्ली के पास कितने ऐसे सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स हैं, जो सक्रिय हैं। इसके बाद से सरकार के निर्देश पर सभी डीएम कार्यालय द्वारा सिविल डिफेंस वालेंटियर्स के पंजीकरण का नवीनीकरण कार्य शुरू किया गया है।
मॉक ड्रिल में नहीं पहुंचने के बारे में भी पूछा जा रहा
सूत्रों के अनुसार सिविल डिफेंस वालेंटियर्स से कुछ माह पहले हुई माॅकड्रिल में नहीं पहुंचने के बारे में भी पूछा जा रहा है। जिसमें वे लोग नहीं पहुंंच पाने के अलग अलग कारण बता रहे हैं। दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह पहली बार हुआ कि जिला अधिकारियों द्वारा किसी अपील पर सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स नहीं पहुंचे। उन्होेने कहा कि सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स होना समाजसेवा का काम है और दिल्ली वाले इसमें सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
इनमें 18 से लेकर 85 साल तक के बुजुर्ग भी अपनी सराहनीय सेवाएं देते हैं। जब युद्ध को लेकर तैयारी की बात की जा रही हो ऐसे में सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स का महत्व और बढ़ जाता है। ऐसे में पंजीकृत सिविल डिफेंस वाॅलेंटियर्स की सूची की समीक्षा की जरूरत और बढ़ जाती है।
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