रीष्मा रमेशन, एसपी, पलामू (फाइल फोटो)
संवाद सहयोगी, मेदिनीनगर (पलामू)। अफीम तस्करी और अवैध अफीम की खेती पर शिकंजा कसते हुए पलामू पुलिस ने अब तस्करों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत पिछले एक दशक में दर्ज अफीम की खेती और तस्करी से जुड़े मामलों के डाटा को खंगाला जा रहा है। पुलिस अफीम तस्करों और अफीम की खेती करने वालों की सूची तैयार कर रही है।
मुकदमों से जुड़े नामों का सत्यापन कर उन्हें एक जगह संकलित किया जाएगा। डाटा तैयार होने के बाद अफीम तस्करों और अफीम की खेती करने वालों की संपत्ति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित लोगों से संपत्ति से जुड़े कागजात और अर्जित संपत्ति का स्रोत पूछा जाएगा। वैध स्रोत नहीं बताने की स्थिति में संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।
2015-16 से अब तक 400 से अधिक पर प्राथमिकी
पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015-16 के बाद से पलामू जिले में अफीम की खेती के आरोप में 400 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें कई ऐसे आरोपी हैं जिन पर एक से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं अफीम तस्करी से जुड़े मामलों में पलामू के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के तस्कर भी आरोपी बनाए गए हैं। कई मामलों में अभियुक्तों को सजा भी हो चुकी है।
पुलिस सभी संबंधित मामलों के डाटा को एकत्र कर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पलामू पुलिस नक्सलियों की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है। माओवादियों के जोनल कमांडर रहे अभिजीत यादव, कुंदन यादव और कंचन तुरी सहित अन्य शीर्ष नक्सलियों की संपत्ति का आकलन कर पुलिस ने उनके परिवार से जुड़ी जमीन और अन्य संपत्तियां जब्त की थीं. |