प्रतीकात्मक चित्र
जागरण संवाददाता, बरेली। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बिजली बिल राहत योजना के बीच अब बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अधिशासी अभियंता और एसडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि एक लाख से अधिक के बकायेदारों से शत प्रतिशत वसूली की जाए। कनेक्शन काटने और प्राथमिकी दर्ज कराकर वसूली की जाए। हिदायत दी गई है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य अभियंता जोन प्रथम ज्ञान प्रकाश ने अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं के साथ बैठक बिजली बिल राहत योजना से अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कनेक्शन लेने के बाद एक बार भी बिल जमा नहीं करने वाले, लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं से शत-प्रतिशत वसूली करें।
उन्होंने कहा कि एक लाख से अधिक के बकायेदारों के कनेक्शन काटकर आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज कराएं। विद्युत वितरण निगम मध्यांचल मुख्यालय से मिले दिशा निर्देशों से अवगत कराते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति के साथ बकाया वसूली को भी प्राथमिकता में रखें।
उन्होंने कहा कि प्री-पेड मीटर वाले बकायेदारों के कनेक्शन अवकाश के दिन और शाम छह बजे से सुबह आठ बजे के बीच न काटा जाए। बिजली चोरी रोकने के लिए नियमित कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों को सचेत किया कि लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
आंवला उपकेंद्र का किया निरीक्षण
मुख्य अभियंता ने समीक्षा बैठक के बाद बिजली उपकेंद्र आंवला का निरीक्षण किया। उन्होंने फीडरवाइज लोड फैक्टर और बकाया वसूली की समीक्षा की। आवश्यकता के अनुरूप क्षमता वृद्धि कराने और डुप्लीकेट कनेक्शन की पीडी करने एवं बकायेदारों के कनेक्शन काटने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि चोरी के प्रकरणों का तीन दिन में निस्तारण करें। ट्रांसफार्मरों का जायजा लेने के दौरान अधिशासी अभियंता, एसडीओ और जेई को ट्रांसफार्मरों की निगरानी करते रहने के निर्देश दिए।
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