search
 Forgot password?
 Register now
search

इज़राइल से जापान तक खुलीं नौकरियों की राहें, योगी सरकार बनी मददगार

Chikheang Yesterday 18:56 views 783
  



डिजिटल टीम, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के लिए \“स्किल हब\“ बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग की सक्रियता से प्रदेश के हजारों निर्माण श्रमिकों और शिक्षित युवाओं के लिए इज़राइल, जर्मनी, जापान और यूएई जैसे देशों के दरवाजे खुल गए हैं। बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण और वैश्विक अनुभव के उद्देश्य से अब तक लगभग 6,000 श्रमिक इज़राइल भेजे जा चुके हैं, जबकि हजारों अन्य पाइपलाइन में हैं।
इज़राइल में \“यूपी मॉडल\“ का डंका

प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) एम.के. शनमुगा सुंदरम ने बताया कि निर्माण श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर प्रशिक्षित कर विदेश भेजने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है:


  • सफलता: जनवरी से मार्च 2024 के बीच शुरू हुई मुहिम के तहत 5,978 निर्माण श्रमिक इज़राइल पहुंच चुके हैं।

  • पाइपलाइन: वर्तमान में 1,336 श्रमिक प्रशिक्षण पूरा कर रवानगी के लिए तैयार हैं, जबकि 2,600 अन्य श्रमिकों की टेस्टिंग प्रक्रिया जारी है।


सेक्टर-वार अवसरों का विस्तार

सिर्फ निर्माण क्षेत्र ही नहीं, बल्कि उच्च कौशल वाले क्षेत्रों में भी यूपी के युवाओं की मांग बढ़ी है:


  • नर्सिंग और केयरिंग: जर्मनी और जापान जैसे विकसित देशों से नर्सिंग और बुजुर्गों की देखभाल (Caring) से जुड़ी नौकरियों के लिए लगातार प्रस्ताव मिल रहे हैं।

  • आईटी और तकनीकी: यूएई और अन्य खाड़ी देशों में भी प्रदेश के युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

रोजगार मेलों से मिली नई उड़ान

प्रदेश में आयोजित \“रोजगार महाकुंभ\“ अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं। आंकड़ों के अनुसार:


  • लखनऊ (अगस्त 2025): 16,212 चयनित युवाओं में से 1,612 को विदेश में नौकरी मिली।

  • गोरखपुर (अक्टूबर 2025): इंटरनेशनल प्लेसमेंट इवेंट के जरिए 279 अभ्यर्थी चुने गए।

  • वाराणसी (दिसंबर 2025): काशी सांसद रोजगार मेले में 85 युवाओं को विदेशी कंपनियों ने मौका दिया।

आय और कौशल का \“ग्लोबल स्टैंडर्ड\“

योगी सरकार का विजन है कि यूपी के श्रमिक केवल मजदूरी न करें, बल्कि \“ग्लोबल स्किल्ड वर्कफोर्स\“ के रूप में पहचाने जाएं। अंतरराष्ट्रीय रोजगार से न केवल उनकी आय में कई गुना वृद्धि हो रही है, बल्कि विदेशी तकनीक और कार्यशैली सीखने से उनका कौशल भी वैश्विक मानकों के अनुरूप निखर रहा है। सरकार द्वारा \“इंटरनेशनल मोबिलिटी कॉन्क्लेव\“ और \“एचआर मीट\“ जैसे आयोजनों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि युवाओं को धोखाधड़ी से बचाकर पारदर्शी तरीके से विदेश भेजा जाए।
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
154572

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com