प्रतीकात्मक फोटो।
संवाद सूत्र, जलालपुर। टांडा–सुरहुरपुर मार्ग को फोरलेन में परिवर्तित किए जाने की बहुप्रतीक्षित योजना अब तेजी से धरातल पर आगे बढ़ रही है। वन विभाग ने प्रस्तावित फोरलेन के दोनों तरफ लगे पेड़ों की गिनती का कार्य पूरा कर लिया है। विभागीय स्तर पर तैयार की गई विस्तृत रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों तथा जिला वनाधिकारी को भेजा गया है। सुल्तानगढ़ पुल से सुरहुरपुर पुल तक करीब तीन हजार पेड़ों की गणना की गई है।
यह सभी पेड़ फोरलेन निर्माण की जद में आ रहे हैं। वन विभाग की टीम मार्ग का स्थलीय सर्वे कर एक-एक पेड़ का आंकलन करके सूची तैयार की। अब रिपोर्ट के अनुमोदन के बाद शासन के निर्देशों के तहत सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। फोरलेन के लिए सड़क चौड़ीकरण के दौरान पेड़ों को हटाना अनिवार्य है।
वन विभाग की अनुमति की जरूरत
इसके लिए वन विभाग की अनुमति आवश्यक होती है। अगले चरण में पेड़ के नीलामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके बाद चयनित ठेकेदार पेड़ों की कटाई कर हटाएंगे। तब लोक निर्माण विभाग तथा कार्यदायी संस्था फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य आगे बढ़ेगा।
मार्ग के फोरलेन होने पर जलालपुर, टांडा, सुरहुरपुर समेत आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। वर्तमान में यह मार्ग संकरा होने के कारण अक्सर जाम और दुर्घटनाओं का कारण बनता है। रेंजर स्नेह कुमार ने बताया कि रिपोर्ट भेज दी गई है। |
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