सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, बस्ती। डिजिटल युग में इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से न करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने हनीट्रैप के जाल में फंसाकर एक युवक का अश्लील वीडियो रिकार्ड कर लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर 1.11 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित के पास एक अज्ञात युवती का वॉट्सएप वीडियो कॉल आया। जैसे ही युवक ने कॉल रिसीव किया, दूसरी तरफ एक युवती निर्वस्त्र अवस्था में थी। युवक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही ठगों ने स्क्रीन रिकार्डिंग के जरिए युवक का चेहरा उस अश्लील वीडियो के साथ जोड़कर एक आपत्तिजनक क्लिप तैयार कर ली। काल कटने के कुछ ही मिनटों बाद युवक के पास उसी वीडियो का स्क्रीनशाट आया।
ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी और इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का कर्मचारी बताकर युवक को डराना शुरू किया। उन्होंने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो इस वीडियो को उसके स्वजन को भेज दिया जाएगा और यूट्यूब पर अपलोड कर दिया जाएगा। लोक-लाज और बदनामी के डर से पीड़ित ने ठगों की मांग मान ली। ठगों ने पहले वीडियो डिलीट करने के नाम पर पैसे मांगे, फिर यूट्यूब से हटाने और पुलिस केस रफा-दफा करने के नाम पर कुल एक लाख 11 हजार एक सौ रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
जब ठगों की मांग बढ़ती ही गई, तब परेशान होकर पीड़ित ने दुबौलिया पुलिस की शरण ली। पुलिस ने पीड़ित आयुष श्रीवास्तव निवासी पायकपुर, थाना दुबौलिया की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ आइटी एक्ट व फ्राड का केस दर्ज कर घटना की जांच-पड़ताल आरंभ कर दी है। साइबर सेल के अधिकारी का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है। जिस अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जनता से अपील है कि डिजिटल प्लेटफार्म पर अज्ञात लोगों से दोस्ती न करें।
यह भी पढ़ें- यूपी के इस जिले में 80.73 करोड़ से पांच सड़कों का होगा चौड़ीकरण, विभाग से मिली स्वीकृति |