मुंबई में अंडाणु दान रैकेट का भंडाफोड़
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आव्रजन अधिकारियों ने मुंबई में अवैध अंडाणु दान और सरोगेसी से जुड़े एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसके बाद मुंबई पुलिस ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुनोती बेलेल और सीमा विनजारत को गिरफ्तार कर लिया। इस रैकेट का संचालन ठाणे से किया जा रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, 44 वर्षीय बेलेल भारत और अन्य देशों के IVF केंद्रों में अविवाहित महिलाओं को अंडाणु दाता के रूप में उपलब्ध कराने में शामिल थी। इन महिलाओं को जाली दस्तावेज की मदद से विवाहित दिखाया जाता था, क्योंकि भारतीय कानून के तहत अविवाहित महिला अपने अंडाणु दान नहीं कर सकती। कल्याण निवासी बेलेल को शुक्रवार दोपहर करीब 1.30 बजे बैंकाक से आने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
लगभग 30 मिनट बाद 29 वर्षीय सीमा विनजारत भी बैंकाक से पहुंची और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। सीमा ठाणे की रहने वाली है। आव्रजन अधिकारी वैभव भोसले ने बताया कि जब बेलेल बैंकाक यात्रा के उद्देश्य के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई, तो उन्हें संदेह हुआ। पूछताछ के दौरान पता चला कि विनजारत अंडाणु जांच के लिए बैंकाक गई थी और कथित तौर पर उसे इसके लिए मोटी रकम दी गई थी।
बेलेल ने पुलिस को बताया कि वह संगीता बागुल नामक एक अन्य आरोपित के साथ मिलकर ठाणे में एलीट केयर नाम से एजेंसी चलाती थी, जो भारत और विदेश में आइवीएफ केंद्रों को अंडाणु दाता और सरोगेट माताएं उपलब्ध कराती थी।
मामला सामने आने के बाद से संगीता बागुल फरार है।विनजारत ने पुलिस को बताया कि वह 2022 में बागुल के संपर्क में आई और उसके माध्यम से अंधेरी के एक अस्पताल में अपने अंडाणु बेचे। उसने दावा किया कि उसने बेलेल और बागुल की मदद से अपने अंडाणु बेचने के लिए केन्या (2024), कजाखस्तान (फरवरी 2025) और थाईलैंड (जनवरी 2026) के आइवीएफ क्लीनिकों की यात्रा की। हालांकि, कुछ प्रयास चिकित्सीय कारणों से असफल रहे।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ) |
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