राष्ट्रपति भवन का विशेष निमंत्रण किट (फोटो- \“एक्स\“)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत 77वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। इस साल गणतंत्र दिवस का उत्सव न केवल राष्ट्रीय शक्ति का प्रतीक होगा, बल्कि यह पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना को भी विश्व पटल पर गौरवान्वित करेगा। राष्ट्रपति भवन की ओर से 26 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित \“एट होम\“ (At Home) रिसेप्शन के लिए एक खास इनविटेशन किट जारी किया गया है। यह किट पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को समर्पित है।
दरअसल, राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी निमंत्रण किट में भारत के आठ पूर्वोत्तर राज्यों- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की पारंपरिक शिल्प और सामग्री संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है। जो उनके सदियों पुराने शिल्प और पीढ़ियों से चली आ रही जीवंत सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करता है।
NID और 350 कारीगरों का अद्भुत संगम
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID), अहमदाबाद द्वारा तैयार किए गया यह इनविटेशन किट एक सहयोगात्मक उत्कृष्ट कृति है। इसके लिए एनआईडी के निदेशक डॉ. अशोक मंडल के नेतृत्व में संस्थान की टीम ने सितंबर 2025 से पूरे पूर्वोत्तर राज्यों का दौरान किया। इसके बाद , क्षेत्र के 350 से अधिक कुशल कारीगरों ने डिजाइनरों और छात्रों के साथ मिलकर इस किट को तैयार किया है। यह सिर्फ इनविटेशन किट नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की सस्टेनेबल जीवनशैली और जनजातीय विरासत का एक सजीव दस्तावेज है।
त्रिपुरा
किट का बाहरी डिब्बा त्रिपुरा की \“बांस बुनाई\“ तकनीक से बना है। इसमें सूती धागों का उपयोग किया गया है।
मेघालय और असम की झलक
इनविटेशन किट के पते वाले टैग पर मेघालय का \“स्मोक्ड\“ बांस का आभूषण है, जबकि कवर पर पारंपरिक असमिया पांडुलिपि चित्र उकेरे गए हैं।
मणिपुर
इसमें मणिपुर की प्रसिद्ध ब्लैक पॉटरी का नमूना है, जिस पर राज्य का फूल \“शिरुई लिली\“ दर्शाया गया है।
सिक्किम और नागालैंड
इसके अलावा इसमें सिक्किम के बिछुआ (नेटल) रेशों से बुना लेप्चा कपड़ा और नागालैंड की खियामनियुंगन जनजाति का दुर्लभ वस्त्र भी लगाए गए हैं।
खासियत
इस किट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें अष्टकोणीय बांस की बुनाई से बना एक \“वॉल-हैंगिंग स्क्रॉल\“ है। इसे पारंपरिक \“लोइन लूम\“ (कमर करघा) के समान डिजाइन किया गया है। इसे पूर्वोत्तर भारतीय राज्य की महिलाएं पीढ़ियों से इस्तेमाल करती आ रही हैं।
Here\“s a glimpse of the specially designed \“At-Home\“ invitation that has been sent from the President of India to the guests for the 77th Republic Day.
The invitation kit this year celebrates the living traditions of India’s North Eastern Region. This invitation is a tribute to… pic.twitter.com/pUDkRUj5TI— President of India (@rashtrapatibhvn) January 18, 2026 |
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