जागरण संवाददाता, महराजगंज। ठंड के मौसम में बढ़ती बिजली खपत ने जिले की विद्युत व्यवस्था की पोल खोल दी है। हीटर, ब्लोअर और अन्य हीटिंग उपकरणों के अत्यधिक इस्तेमाल से ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो रहे हैं और दनादन जल रहे हैं। हालात यह हैं कि दिसंबर महीने में जहां 30 ट्रांसफार्मर फुंक गए, वहीं जनवरी में अब तक 15 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। महज डेढ़ माह में 45 ट्रांसफार्मर के जलने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है और उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी ट्रांसफार्मर जलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं ट्रांसफार्मर फुंकने से पूरी रात अंधेरे में कट रही है, तो कहीं मरम्मत और बदलाव में कई-कई दिन लग जा रहे हैं। बिजली गुल होने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही दुकानदारों, छोटे उद्योगों और विद्यार्थियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली की मांग में बढ़ोतरी
बिजली की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। एक ही ट्रांसफार्मर से क्षमता से कहीं अधिक लोड जुड़ा हुआ है। जैसे ही रात में हीटर और ब्लोअर एक साथ चलने लगते हैं, तो ट्रांसफार्मर पर दबाव बढ़ जाता है और वह जवाब दे देता है। कई जगह पुराने और कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मर पहले से ही कमजोर हालत में हैं, जिससे ओवरलोड की स्थिति में वे जल्दी जल जा रहे हैं।
ट्रांसफार्मर जलने के बाद सबसे बड़ी परेशानी उपभोक्ताओं को मरम्मत या नए ट्रांसफार्मर की व्यवस्था होने तक झेलनी पड़ती है। विद्युत वितरण महराजगंज मंडल के अधीक्षण अभियंता वाइपी सिंह ने बताया कि ठंड में हीटर और ब्लोअर जैसे उपकरणों का उपयोग बढ़ जाता है। ऐसे में समस्याएं उत्पन्न होती है। 24 से 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिए जा रहे हैं। वर्तमान में 160 ट्रांसफार्मर मरम्मत करके रखे हुए हैं। |