आरोप है कि एआइ से बने वीडियो और फोटो अपने एक्स हैंडल पर साझा कर समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्यों के दौरान अतिक्रमण तोड़े जाने के मामले में वाराणसी पुलिस ने शनिवार रात को आप सांसद संजय सिंह, बिहार के सांसद पप्पू यादव, हरियाणा की कांग्रेस नेता जसविंदर कौर और अन्य छह आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन सभी ने एआइ से बने वीडियो और फोटो अपने एक्स हैंडल पर साझा कर समाज में विद्वेष फैलाने का प्रयास किया।
इस मामले में कार्यदायी कंपनी जीवीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर ने तहरीर दी है। तहरीर में कहा गया है कि वीडियो में भारत सरकार को औरंगजेब से जोड़ा गया है। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि सभी आठ आरोपितों के खिलाफ बीएनएस की धारा 196, 298, 299, 353 (1C) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें तीन से पांच वर्ष तक की सजा का प्रविधान है। इसलिए पुलिस कोर्ट से वारंट लेकर उन्हें गिरफ्तार करेगी। आरोपितों द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो और तस्वीरों की जांच की जा रही है।
आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुकदमे से सरकार उन्हें डरा नहीं सकती है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई उन पर होनी चाहिए, जिन्होंने माता अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ी। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया था कि मणिकर्णिका घाट पर कोई मूर्ति नहीं तोड़ी गई है। उन्होंने कहा कि एआइ से बने वीडियो जारी कर कांग्रेस लोगों को गुमराह कर रही है, जो कि एक अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीते मंगलवार को मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्य के दौरान अहिल्याबाई होलकर समेत कुछ मूर्तियों के तोड़े जाने के वीडियो और तस्वीरें सामने आई थीं। इस पर कांग्रेस और सपा के नेताओं ने सरकार को घेरने का प्रयास किया था। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया कि मूर्तियां सुरक्षित और संरक्षित हैं।
इस प्रकरण ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है, और सभी आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। वाराणसी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे इस मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मणिकर्णिका घाट का यह मामला न केवल स्थानीय राजनीति में बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। |
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