Muzaffarpur police action: मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। High Court order violation: पहले कुढ़नी में एसएसपी की ओर से निलंबन की कार्रवाई और अब हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी के मामले में लाइन हाजिर करने का फैसला। जिला पुलिस की कलई खोलने के लिए काफी हैं।
हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं करने के मामले में मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने नगर थानाध्यक्ष कमलेश कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
यह कार्रवाई उनके कार्यों में शिथिलता, मनमानी और न्यायालय के आदेश की अवहेलना के आरोप में की गई है।एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, एक भूमि विवाद मामले में उच्च न्यायालय ने नाराजगी जाहिर की थी।
जांच में सामने आया कि नगर थानाध्यक्ष द्वारा न्यायालय के आदेश का समय पर अनुपालन नहीं किया गया। इसे अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का गंभीर उदाहरण माना गया।
मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर (वन) सुरेश कुमार द्वारा की गई थी। उनके द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, तिरहुत क्षेत्र चंदन कुमार कुशवाहा से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद एसएसपी ने यह कार्रवाई की।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जिले में पुलिस महकमे पर सख्ती देखने को मिली थी। चार दिन पूर्व औचक निरीक्षण के दौरान लंबित मामलों को लेकर कुढ़नी थाने के एक दारोगा को निलंबित किया गया था।
साथ ही तुर्की और कुढ़नी थानाध्यक्ष तथा एक अन्य दारोगा से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन अब अनुशासन और न्यायालयीय आदेशों के पालन को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
किसी भी तरह की कार्रवाई के पीछे का उद्देश्य सकारात्मक होता है। सुधार की अपेक्षा के साथ ही कार्रवाई होती है। इसके साथ-साथ अन्य के लिए भी संदेश होता है कि वे कभी गलत कदम नहीं उठाएं। |
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