LHC0088 • 1 hour(s) ago • views 544
डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी।
कैलाश नाथ, चंडीगढ़। पंजाब की बंगा विधान सभा सीट से शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर दूसरी बार विधायक चुने गए डॉ. सुखविंदर कुमार सुक्खी ने आप सरकार में पंजाब स्टेट कंटेनर और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके पास कैबिनेट रैंक था। डॉ. सुक्खी मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा बंगा क्षेत्र से गुरु ग्रंथ साहिब के 169 पावन स्वरूपों की बरामदगी के बयान से हताश थे।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद बंगा क्षेत्र में आप सरकार के प्रति नाराजगी पाई जा रही थी। डॉ. सुक्खी ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेज दिया है। डॉ. सुक्खी ने 14 अगस्त 2024 को आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली थी। बाद में आप ने उन्हें पंजाब स्टेट कंटेनर और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन बनाया था और उन्हें कैबिनेट रैंक भी दिया था।
शिअद के विधायक होते हुए आप में जाने को लेकर उनकी सदस्यता खारिज करने का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। क्योंकि नियम के मुताबिक डॉ. सुक्खी पर दलबदल कानून लागू होता था। क्योंकि विधान सभा में शिरोमणि अकाली दल के तीन विधायक थे। हालांकि आप में जाने के कारण डॉ. सुक्खी ने विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया था।
30 दिसंबर 2025 को पंजाब सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान भी विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने डॉ. सुक्खी के किस पार्टी में होने को लेकर सवाल खड़े किए थे। डॉ. सुक्खी द्वारा चेयरमैन पद से इस्तीफा दिए जाने को आप सरकार को झटका माना जा रहा है।
यह भी पढ़ें- धुंध का कहर और कैंटर की लापरवाही; पंजाब के राजपुरा में भीषण सड़क हादसा, 6 गाड़ियों की टक्कर में कई घायल
क्या कहा था मुख्यमंत्री ने
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 14 जनवरी को श्री मुक्तिसर साहिब में माघी मेले में आयोजित राजनीतिक कांफ्रेंस में कहा था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गायब 328 स्वरूपों में से 169 का एसआइटी ने पता लगा लिया है। यह नवांशहर के बंगा के एक डेरे में मौजूद हैं। इनमें से 139 पावन स्वरूपों का कोई भी रिकार्ड मौजूद नहीं है। सिर्फ 30 पावन स्वरूपों का ही रिकार्ड उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद डॉ. सुक्खी ने कहा था
डॉ. सुक्खी ने कहा था वह बचपन से ही श्री नाभ कंवल राजा साहिब रसोखाना पावन स्थल पर आ रहे हैं। अपने पूर्वजों से इस स्थान की मर्यादा के बारे में ही सुना है। जहां तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बात है, यहां पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का सवाल ही नहीं उठ सकता। यहां पर जो मान सत्कार मिलता है, वैसा उन्होंने कहीं नहीं देखा।
जिस मान-सम्मान के साथ लोग यहां राजा साहिब के समक्ष नतमस्तक होते हैं, उसी तरह सभी श्री गुरु ग्रंथ साहिब की भी मर्यादा को मानते हैं। वह इस हलके के प्रतिनिधि हैं और इस घर के सेवक हैं। इस स्थान पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की मर्यादा में कमी नहीं आ सकती।
यह भी पढ़ें- बटाला रोड पर हनुमान मंदिर के बाहर धार्मिक प्रतीक मिलने से रोष, सेवादार की माफी के बाद मामला शांत
मास्टर मूव भी हैं डॉ. सुक्खी का
शिरोमणि अकाली दल के विधायक होते हुए आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने के कारण डॉ. सुक्खी की विधान सभा में सदस्यतों पर सवाल खड़े हो रहे थे। हाईकोर्ट ने भी विधान सभा के स्पीकर को उनकी सदस्यता पर जल्द फैसला लेने के लिए कहा था। इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा श्री नाभ कंवल राजा साहिब रसोखाना में गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों के मिलने की बात कही। जिसके कारण बंगा क्षेत्र में नाराजगी पाई जा रही थी।
डॉ. सुक्खी यहां से विधायक हैं। निश्चित रूप से सरकार में चेयरमैन होने के कारण उनके खिलाफ भी स्थिति तैयार हो गई है। जिसके देखते हुए उन्होंने चेयरमैनशिप से इस्तीफा दे दिया। क्योंकि एसा करने से वह विधान सभा में अपने विधायक पद की सदस्यता भी बचा सकते हैं। हालांकि फिर भी अंतिम फैसला स्पीकर के ही हाथों में होगा।
यह भी पढ़ें- बठिंडा में नशे का कारखाना ध्वस्त, लाखों नशीली गोलियां जब्त; मुक्तसर पुलिस ने की फैक्ट्री सील |
|