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ट्राईसिटी को बड़ी राहत, जाम से मुक्ति दिलाने के लिए Six Lane जीरकपुर-पंचकूला बाईपास का निर्माण कार्य होगा शुरू, सभी अड़चनें दूर

Chikheang 2026-1-18 12:27:16 views 524
  

19.2 किलोमीटर लंबी एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क एनएच-7 पर जीरकपुर–पटियाला चौक से एनएच-5 पर जीरकपुर-परवाणू चौक तक जाएगी।



राजेश मलकानियां, पंचकूला। महीनों से चली आ रही नौकरशाही अड़चनों का अंत करते हुए केंद्र सरकार ने ट्राईसिटी की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजना छह लेन जीरकपुर-पंचकूला बाईपास के निर्माण कार्य में आखिरी अड़चन भी दूर कर दी है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने करीब 1,878 करोड़ रुपये की इस परियोजना को अंतिम स्टेज-2 वन मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही अब परियोजना के निर्माण कार्य के आवंटन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला) में ट्रैफिक जाम कम होगा और हिमाचल प्रदेश के लिए सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
करीब एक दशक पुरानी और रणनीतिक परियोजना

  • करीब एक दशक पहले परिकल्पित यह छह लेन की जीरकपुर-पंचकूला बाईपास परियोजना ट्राईसिटी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है। वर्ष 2020 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।
  • यह 19.2 किलोमीटर लंबी एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क एनएच-7 पर जीरकपुर–पटियाला चौक से एनएच-5 पर जीरकपुर-परवाणू चौक तक जाएगी।
  • परियोजना में 6.195 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन, कई फ्लाईओवर और अंडरपास, पुल और रेलवे ओवरब्रिज, तथा आधुनिक सुरक्षा व ड्रेनेज सिस्टम शामिल हैं।
  • अब अंतिम वन मंजूरी मिलने के बाद सभी की निगाहें एनएचएआई द्वारा कार्य आवंटन और निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत पर टिकी हैं। उम्मीद है कि वर्षों से ट्रैफिक जाम से जूझ रही ट्राईसिटी को जल्द ही इस परियोजना से बड़ी राहत मिलेगी।

भारी ट्रैफिक बाहरी मार्गों पर स्थानांतरित हो सकेगा

जीरकपुर-पंचकूला बाईपास को ट्राईसिटी की सबसे अहम रोड डी-कंजेशन परियोजना माना जा रहा है। इसके पूरा होने से चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के भीतर से गुजरने वाला भारी ट्रैफिक बाहरी मार्गों पर स्थानांतरित हो सकेगा। इससे न केवल यात्रा समय में कमी, बल्कि सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की बचत भी होगी।
आर्थिक विकास और जीवन गुणवत्ता को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह बाईपास मालवाहक वाहनों और उद्योगों के लिए एक तेज और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराएगा, जिससे व्यापार, लाजिस्टिक्स और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि इस तरह की परियोजनाएं सड़क परिवहन ढांचे को मजबूत करने, आर्थिक विकास को गति देने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
इसलिए महत्वपूर्ण

  • ट्रैफिक से राहत: जीरकपुर, बलटाना, हाउसिंग बोर्ड चौक, कालका चौक जैसे व्यस्त स्थानों पर ट्रैफिक जाम कम होगा।
  • बेहतर कनेक्टिविटी: दिल्ली, पटियाला, मोहाली एयरोसिटी और हिमाचल प्रदेश के बीच आवागमन सुगम होगा।
  • विकास का हिस्सा: यह ट्राईसिटी रिंग रोड का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे तेज विकास होगा।
  • पर्यावरण: यात्रा समय और प्रदूषण में कमी आएगी।
  • परियोजना मॉडल: हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम)।
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