निर्माण से पहले संबंधित अधिकारी को शपथ पत्र देकर सुनिश्चित करना होगा।
दीपक पांडेय, फरीदाबाद। पहले सड़क बना देना और उसके कुछ महीनों बाद सीवर या पेयजल लाइन डाल कर रोड को तोड़ जनता के पैसे की बर्बादी करने एवं साथ में भ्रष्टाचार करने वाली नगर निगम के विभिन्न अधिकारियों की कार्यप्रणाली पुरानी है और इस पर सवाल उठते रहे हैं। कभी किसी ने मुद्दा उठाया तो छोटे अधिकारियों को निगमायुक्त आदि की डांट-डपट तक कार्रवाई हो जाया करती थी, पर बाद में स्थिति वही ढाक के तीन पात वाली रहती थी।
निगमायुक्त के आदेशों पर विश्वास करें तो अब आगे ऐसा नहीं होगा। अब निगम आयुक्त ने आदेश जारी किए हैं कि किसी भी सड़क के निर्माण या पुन: निर्माण से पहले संबंधित अधिकारी को शपथ पत्र देकर सुनिश्चित करना होगा कि जिस भी कालोनी या सेक्टर में सड़क बनाई जा रही है। वहां पर सीवर और पानी के कनेक्शन पूरी तरह से दिए जा हो चुके हैं और वहां लाइन पूरी तरह से बिछी हुई।
इसके साथ ही पूरे डाटा को जीआइएस पोर्टल पर अपडेट भी करना होगा। इसके बाद ही सड़क का निर्माण किया जा सकेगा और संबंधित ठेकेदार के बिल को पास किया जाएगा। आयुक्त का यह आदेश सिरे चढ़ जाता है तो इससे न सिर्फ निगम को राजस्व का नुकसान होने से बचाव होगा, साथ ही लोगों को भी परेशानी नहीं होगी।
अब तक यह होता आया है
शहर की कॉलोनियों और सेक्टर में नगर निगम की ओर से बिना सीवर पानी कनेक्शन के ही सड़क बनाने के टेंडर जारी कर दिए जाते हैं। संबंधित एजेंसी की ओर से सड़क बना भी दी जाती है। लेकिन कुछ समय में ही वहां पर लोगों की मांग पर सीवर और पानी की डालने का काम शुरू कर दिया जाता है। इसके बाद निगम को सड़क को पूरा तोड़ना पड़ता है।
सीवर पानी की लाइन डालने के बाद सड़क बनाने के काम में दो से तीन माह का समय लग जाता है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं निगम के खजाने को भी नुकसान होता है। करीब दो माह पहले जवाहर कालोनी में सीवर और पानी की लाइन डालने के लिए सड़क को पूरा तोड़ा गया है। अभी तक सड़क बनाने का काम शुरू नहीं हो सका है।
मेरे संज्ञान में ऐसी शिकायतें आई हैं। बार बार सड़क की खोदाई होने से न सिर्फ लोगों को परेशानी होती है। बल्कि निगम को भी राजस्व का नुकसान होता है। इंजीनियरिंग शाखा को कहा गया कि कॉलोनी या सेक्टर में सड़क के निर्माण से पहले यह पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाए कि वहां पर सीवर और पानी की लाइन डाली जा चुकी है। ताकि सड़क पर जल्द तोड़फोड़ नहीं करनी पड़े। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से शपथ पत्र लिया जाएगा और इसके बावजूद अगर ऐसा कुछ होता है, जिससे निगम को नुकसान हुआ है तो ऐसे अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। - धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त, नगर निगम |
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