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लाडो लक्ष्मी योजना की तीसरी किस्त जारी करते सीएम नायब सिंह सैनी। फोटो एक्स
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। शनिवार का दिन किसानों और महिलाओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पराली प्रबंधन और पानी बचाने वाले किसानों के साथ ही आलू-गोभी की खेती में घाटा उठाने वाले किसानों के लिए 659 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसी तरह गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना और हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत 199.56 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
अगले एक सप्ताह में यह पैसा संबंधित किसानों और महिलाओं के बैंक खातों में आ जाएगा। हरियाणा निवास में किसानों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से प्रेरित होकर यह पहलें एक समग्र विकास दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। इसका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और पूरे राज्य में नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
खेती से जुड़े रहें किसानों के बच्चे
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ किसानों के लिए किए काम गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि को लाभदायक और भविष्य के लिए तैयार क्षेत्र बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि किसानों के बच्चे खेती से जुड़े रहें। बीज से लेकर बाजार तक, हर स्तर पर किसानों का सहयोग करने के सिद्धांत पर काम करते हुए सरकार ने आज पांच कृषि संबंधी योजनाओं के तहत अनुदान और प्रोत्साहन राशि जारी की है।
फसल अवशेष न जलाने वाले किसानों को 461.75 करोड़ रुपये, 9885 फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों की खरीद के लिए 85.10 करोड़ रुपये, धान की सीधी बुवाई के लिए 75.54 करोड़ रुपये, धान की बजाय दूसरी फसलें लगाने के लिए 15.75 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
इसके अलावा भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी की खेती करने वाले किसानों को भाव अंतर के रूप में 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण पर केंद्रित प्रयासों के तहत सरकार ने दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की तीसरी किस्त में 181 करोड़ रुपये पात्र महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं।
महिलाओं को कुल 441 करोड़ रुपये दिए जा चुके
इस योजना के तहत अब तक पात्र लड़कियों और महिलाओं को कुल 441 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। विगत 31 दिसंबर तक कुल 9,98,650 महिलाओं ने एप के माध्यम से आवेदन किया था, जिनमें से 8,63,918 को पात्र पाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनवरी से योजना का दायरा बढ़ाया गया है। पहले केवल एक लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार ही पात्र थे।
अब यह सीमा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे अधिक बेटियों और बहनों को लाभ मिल सकेगा। उन माताओं को भी योजना में शामिल गया है, जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं और उन्होंने कक्षा 10 या 12 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
या फिर निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक से चार में ग्रेड-स्तरीय दक्षता हासिल की है या जिनके बच्चों को गंभीर या मध्यम तीव्र कुपोषण से सफलतापूर्वक पुनर्वासित किया गया है। इसके लिए परिवार पहचान पत्र में परिवार की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
अक्टूबर की गैस सब्सिडी मिली, नवबंर और दिसंबर की बाद मेंमुख्यमंत्री ने बताया कि हर घर-हर गृहिणी योजना के तहत गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के तौर 18.56 करोड़ रुपये जारी गए हैं। इस योजना के तहत योग्य महिलाओं को हर महीने 500 रुपये की सब्सिडी वाली कीमत पर गैस सिलेंडर दिया जाता है। आज जारी की गई सब्सिडी अक्टूबर की है। नवंबर और दिसंबर की सब्सिडी की रकम जल्द ही जारी की जाएगी।
किसानों को ऐसे मिली सहायता योजना -लाभार्थी किसान -प्रोत्साहन राशि
फसल अवशेष प्रबंधन -5,54,405 -461.75 करोड़ रुपये
फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर सब्सिडी -9,885 -85.10 करोड़ रुपये
धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) -31,605 -75.54 करोड़ रुपये
मेरा पानी- मेरी विरासत -13,500 -15.75 करोड़ रुपये
भावांतर भरपाई योजना (आलू और फूलगोभी) -4,073 -20 करोड़ रुपये
महिलाओं को मिला यह लाभ
योजना -लाभार्थी -प्रोत्साहन राशि
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना -8,63,918 महिलाएं -181 करोड़ रुपये
हर घर-हर गृहिणी योजना -6,08,842 -18.56 करोड़ रुपये |
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