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भारत मंडपम में विश्व पुस्तक मेले का अंतिम पड़ाव; अमित शाह, भगवंत मान और सेना प्रमुख पहुंचे किताबों के संसार

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संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। समापन की दहलीज पर पहुंच चुके किताबों के महाकुंभ में अब आम ही नहीं, खास लोग भी ज्ञान का स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। समापन से एक दिन पूर्व भारत मंडपम में चल रहे 53वें विश्व पुस्तक मेले में अनेकानेक विशिष्ट अतिथि भी पहुंचे। रविवार को इस नौ दिवसीय मेले का अंतिम दिन है। ऐसे में किताबों की बिक्री पर अब अच्छी छूट भी मिल रही है।
सेना के शौर्य को सराहा

विश्व पुस्तक मेले के आठवें दिन शनिवार को सप्ताहांत की भारी भीड़ के बीच केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विभिन्न हालों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने थीम पवेलियन “भारतीय सैन्य इतिहास : शौर्य एवं प्रज्ञा @ 75” का भी अवलोकन किया, जहां भारत की सैन्य विरासत, पराक्रम और रणनीतिक विकास को दर्शाती विशेष प्रदर्शनी देखी।

उन्होंने अतिथि देश कतर के विशेष पवेलियनों का भी दौरा किया व उनकी उपस्थिति को सराहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने हिंदी और भारतीय भाषाओं के प्रकाशकों से भेंट की और देशभर में पठन संस्कृति, स्वदेशी ज्ञान तथा भाषाई विविधता को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका की सराहना की।
‘किड्स एक्सप्रेस’ का भी दौरा किया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी मेले का दौरा किया और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के स्टाॅल का अवलोकन किया, जहां उन्होंने ज्ञान, संस्कृति और पठन के आनंद का उत्सव मनाने वाली विविध पुस्तकों के संग्रह के बारे में जाना। एक विशेष दौरे में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने थीम पवेलियन का भ्रमण किया, जहां उन्होंने भारत के प्रमुख सैन्य अभियानों के क्यूरेटेड पैनल, परमवीर चक्र गैलरी तथा सैन्यकर्मियों के साथ जमीनी स्तर के नेतृत्व को दर्शाती विशेष प्रदर्शनी देखी। उन्होंने बच्चों के पवेलियन ‘किड्स एक्सप्रेस’ का भी दौरा किया और स्कूली बच्चों को पुस्तकें भेंट कीं।

  भारत मंडपम में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भगत सिंह की पुस्तक भेंट करते एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक। जागरण
कई वीआईपी पहुंचे पुस्तक मेले में

शनिवार को पुस्तक मेले में जिन अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, राज्यसभा सदस्य राधा मोहन दास अग्रवाल, कथावाचक जया किशोरी, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता एवं पूर्व राज्यसभा सदस्य विनय सहस्रबुद्धे शामिल थे।
काव्य गोष्ठी में स्त्री स्वरों का उत्सव

एक विशेष काव्य सत्र में स्त्री स्वरों का उत्सव मनाया गया, जिसमें कवियों ने दृढ़ता, संवेदनशीलता और वाक् कौशल को अभिव्यक्त किया। शिक्षाविद्, पुरस्कार विजेता कवयित्री, संपादक और पर्यावरणविद् नीति पार्थी ने अपनी कविता “बेटी हूँ मैं हिंदुस्तान की” का पाठ किया, जिसमें पहचान, शिक्षा, देशभक्ति और भारतीय महिलाओं की सशक्त यात्रा का उत्सव मनाया गया। एक सैनिक की बेटी और पत्नी के रूप में उन्होंने अपनत्व और राष्ट्रीय पहचान पर विचार साझा किए।

  भारत मंडपम में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में शनिवार को पुस्तकों का अवलोकन करते पुस्तक प्रेमी। ध्रुव कुमार
आध्यात्मिक मार्गदर्शन और प्रेरणा

आध्यात्मिक एवं मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने अपने बचपन से आध्यात्मिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए अनुशासन, आंतरिक शांति और सुव्यवस्थित योजना को विशेष रूप से विद्यार्थियों में तनाव प्रबंधन के लिए आवश्यक साधन बताया। उन्होंने युवा पीढ़ी को प्रतिस्पर्धा से आगे देखने, जीवन को व्यवस्थित रूप से संचालित करने तथा नैतिक और आध्यात्मिक आधार खोजने के लिए प्रेरित किया, जिससे स्पष्टता, संतुलन और उद्देश्य प्राप्त हो सके।
पुस्तक लोकार्पण का दौर भी रहा जारी

युवा लेखिका और बाल प्रतिभा अभिजिता गुप्ता ने अपनी चौथी पुस्तक ‘मार्क ऑफ द कीपर: वील आफ लाइट’ का विमोचन किया। इस कार्यक्रम में ऑथर्स कार्नर पर पाठकों, साहित्य प्रेमियों और मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। अभिजिता ने महज सात वर्ष की उम्र में लेखन की दुनिया में कदम रखा और एक प्रकाशित लेखिका बनीं। इसके बाद उन्होंने ‘वी विल श्योरली सस्टेन’, ‘टू बिगिन विद द लिटिल थिंग्स’ और ‘हैप्पीनेस इज़ ऑल अराउंड अस’ जैसी सराही गई पुस्तकें लिखीं। अभिजिता अब तक पांच राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम कर चुकी हैं।
इस पुस्तक का हुआ लोकार्पण

हाॅल संख्या दो और तीन में लेखक प्रेम जनमेजय द्वारा रचित पुस्तक रामदरश मिश्र की व्यंग्य चेतना एवं चयनित व्यंग्य रचनाएं का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर डाॅ. ओम निश्चल, प्रो स्मिता मिश्र, डाॅ. वेदमित्र शुक्ल, डाॅ. अमरेंद्र पांडेय और डॉ. हरिशंकर राठी ने भी चर्चा में भाग लिया। हाल नं. दो और तीन में ही व्यंग्य का आयतन प्रेम जनमेजय पुस्तक का भी लोकार्पण हुआ। इस अवसर लेखिका ममता कालिया उपस्थित रहीं।
प्रभात प्रकाशन की पुस्तकों पर 40 प्रतिशत की छूट

प्रभात प्रकाशन के निदेशक प्रभात कुमार और पीयूष कुमार ने बताया कि विश्व पुस्तक मेले के आखिरी दिन रविवार को 10 पुस्तकें खरीदने पर 40 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

यह भी पढ़ें- विश्व पुस्तक मेले में किताबों की रेल में सवार बचपन, \“किड्स एक्सप्रेस\“ बना बच्चों का आकर्षण
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