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तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
जागरण संवाददाता, महराजगंज। मनरेगा योजना में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। सिसवा ब्लाक के शिकारपुर गांव में सामने आए प्रकरण में ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार वरुण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं रोजगार सेवक बलजीत खरबार की सेवा समाप्त करने की नोटिस और ग्राम प्रधान पूनम देवी को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95(जी) के तहत नोटिस जारी किया गया है।
शिकारपुर गांव में गुरुवार को ग्राम पंचायत में कुल तीन कार्यों पर 16 मस्टररोल जारी किए गए थे। ग्राम पंचायत की ओर से इंटरलॉकिंग कार्य के नाम पर तीन मस्टररोल में 25 मजदूर, सड़क भराई कार्य के लिए सात मस्टररोल में 52 मजदूर दर्ज किए गए।
इसके अलावा, क्षेत्र पंचायत के नाम से भी मिट्टी भराई के नाम पर छह मस्टररोल में 46 मजदूर दिखाए गए। इस तरह कुल 123 श्रमिकों की उपस्थिति दर्शाई गई थी। जांच में यह गंभीर तथ्य सामने आया कि अधिकांश मस्टररोल में एक ही 12–15 व्यक्तियों को अलग-अलग कार्यों पर खड़ा दिखाकर उनकी फर्जी हाजिरी दर्ज की गई थी।
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शिकायत के बाद शुक्रवार को मौके पर डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह द्वारा मौके की जांच की गई तो कार्यस्थल पर श्रमिक मौजूद नहीं मिले, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई और विभाग में हड़कंप मच गया।
मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शिकायत पुष्ट होने पर तत्काल कार्रवाई की गई है। ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार वरुण को निलंबित कर दिया गया, रोजगार सेवक की सेवा समाप्त की नोटिस दी गई है, और ग्राम प्रधान को धारा 95(जी) के तहत नोटिस जारी किया गया है। |
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