यह मामला एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा है, जिसमें अब तक 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
-करोड़ों के साइबर फ्राड केस में जांच तेज, बड़े खुलासों की उम्मीद
संवाद सहयोगी, जागरण. अखनूर
मध्य प्रदेश में दर्ज करोड़ों रुपये के साइबर फ्राड मामले में गिरफ्तार अखनूर की युवती को अदालत में पेश करने के बाद तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड मिलने के बाद मध्य प्रदेश साइबर पुलिस आरोपित युवती को आगे की पूछताछ के लिए मध्य प्रदेश ले गई है। गिरफ्तार युवती की पहचान सिमरन शर्मा निवासी मकान नंबर 43, वार्ड नंबर 7, आर्य समाज, अखनूर के रूप में हुई है। आरोपित वर्तमान में एक्सिस बैंक, अखनूर में कार्यरत है। उसकी गिरफ्तारी ने न केवल अखनूर बल्कि पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना रतलाम पुरी, मध्य प्रदेश में दर्ज एफआईआर के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी महिला इंस्पेक्टर लिलियन मालवीय के नेतृत्व में की गई, जिसमें सब-इंस्पेक्टर परवीन वास्कल्याण, दो महिला कांस्टेबल और एक कांस्टेबल शामिल थे। इस दौरान अखनूर पुलिस का भी सहयोग लिया गया। वीरवार को अखनूर में की गई दबिश के दौरान पुलिस ने आरोपित युवती को हिरासत में लिया और उसके कब्जे से एक लैपटाप, तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड तथा फर्जी दस्तावेज बरामद किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन्हीं इलेक्ट्रानिक उपकरणों और सिम कार्डों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।
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बैंकिंग जानकारी के दुरुपयोग का शक
-पुलिस का मानना है कि आरोपित ने बैंक में कार्यरत होने के कारण मिली तकनीकी और वित्तीय जानकारी का दुरुपयोग किया। जांच एजेंसियों को शक है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन, फर्जी खातों और पहचान छिपाने के लिए सिम कार्डों का इस्तेमाल कर देशभर में लोगों को ठगा गया।
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देशव्यापी साइबर ठगी गिरोह से कनेक्शन
-एमपी साइबर पुलिस के मुताबिक यह मामला एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है, जो लंबे समय से सक्रिय था। अब तक इस केस में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब 13 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरोह पर आरोप है कि उसने आनलाइन माध्यमों से बड़ी संख्या में लोगों को झांसा देकर कई करोड़ रुपये की ठगी की। अखनूर की युवती के इस नेटवर्क से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही एमपी पुलिस ने उसे आरोपित बनाया और गिरफ्तार किया।
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कोर्ट से मिली तीन दिन की रिमांड
-गिरफ्तारी के बाद आरोपित को पहले सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल अखनूर में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया और फिर स्थानीय थाना में रखा गया। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से तीन दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई। इसके बाद एमपी साइबर पुलिस आरोपित को विस्तृत पूछताछ और नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए मध्य प्रदेश ले जा रही है।
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कई और गिरफ्तारियों के संकेत
-पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि रिमांड के दौरान आरोपित से पूछताछ में अहम खुलासे हो सकते हैं और इस मामले में और लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही और गिरफ्तारियां होने से इनकार नहीं किया गया है। यह मामला साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे गिरोह को जड़ से खत्म करने के लिए जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। |
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