search

गाजियाबाद में पत्नी की आत्महत्या मामले में पति बरी, सबूतों के अभाव में कोर्ट का फैसला

deltin33 2026-1-17 05:26:27 views 495
  

आत्महत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-7 में सुनवाई हुई।



जागरण संवादददाता, गाजियाबाद। थाना इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में विवाहिता की आत्महत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-7 में सुनवाई हुई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. दिनेश चंद्र शुक्ला ने साक्ष्य के अभाव में आरोपित पति को दोषमुक्त कर दिया।

मृतका कृष्णा देवी की शादी वर्ष 2014 में गजेंद्र सिंह निवासी रामगढ़ी, आगरा से हुई थी। विवाह के बाद से ही कृष्णा देवी को दहेज को लेकर प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया गया। 30 अगस्त 2024 की रात कृष्णा देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

मृतका के पिता रतन सिंह सेंगर ने 31 अगस्त 2024 को थाना इंदिरापुरम में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गजेंद्र सिंह और उसके स्वजन अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे। मृतका को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

अभियोजन पक्ष ने कुल 11 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। चिकित्सक ने न्यायालय को बताया कि मृत्यु आत्महत्या की प्रतीत होती है। सुनवाई के दौरान कई गवाह बयानों से मुकर गए, जिन्हें अभियोजन द्वारा पक्षद्रोही घोषित किया गया। पड़ोसी और स्वजन के बयानों में भी विरोधाभास था।

विवेचक ने न्यायालय को अवगत कराया कि घटनास्थल से कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे प्रताड़ना या हत्या की पुष्टि हो सके। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने शुक्रवार को आरोपित को दोषमुक्त कर दिया।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4710K

Credits

administrator

Credits
477602