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जागरण संवाददाता, लखीमपुर। एक दिन पहले जौनपुर में चाइनीज मांझे से गला कटरकर हुई बाइक सवार फिजियो थेरेपेस्टि की मौत के अगले ही दिन शहर में बड़ा हादसा हुआ। अपने गांव से शहर में सामान लेने आए एक ग्रामीण युवक की ओवर ब्रिज से गुजरते हुए चाइनीज मांझे से गर्दन कट गई।
भला यह हुआ उसकी बाइक की रफ्तार तेज नहीं थी फिर भी उसकी गर्दन में गहरा घाव हो गया, बाइक समेत वह ओवरब्रिज पर गिर पड़ा, लोगों ने उसे उठाकर इलाज के लिए भेजा, जहां उसकी हालत अब ठीक है।
सवाल यह बड़ा है कि तमाम हादसों के बाद पुलिस और प्रशासन चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध और ओवरब्रिज को पार कर उड़ती हुई पतंग पर रोक क्यों नहीं लग रहा। बाजार में खुलेआम चाइनीज मांझे की बिक्री हो रही है लेकिन किसी को नजर नहीं आ रहा।
यह है पूरा मामला
शहर से सटे गांव लीलाकुआं निवासी गुड्डू वर्मा गुरुवार दोपहर अपने घर का कुछ सामान लेने के लिए शहर के बाजार जा रहे थे। करीब दो बजे जब वह अपनी बाइक से शहर के बीचोबीच ओवरब्रिज से गुजा रहे थे तभी एक पतंगबाज का मांझा उनकी गर्दन में आकर लिपट गया। उनकी गर्दन रेत दी।
भला ये हुआ कि गुड्डू की बाइक ज्यादा तेज नहीं थी और मंझे के गले से लिपटने के साथ ही उसने ब्रेक लगा दी, जिससे वह बाइक समेत वहीं ब्रिज पर ही गिर पड़ा। इस दौरान मांझा उसकी गर्दन को रेतता हुआ निकल गया। उसके गिरते ही तमाम लोग एकत्र हो गए और उसे उठाकर सड़क के किनारे लाए। उसे एक निजी डाक्टर के यहां ले जाया गया जहां वह खतरे से बाहर है।
लेकिन सवाल इतना भर नहीं है। जब खतरनाक मांझे की खुलेआम बिक्री हो रही है तो उस पर कोई रोंक क्यों नहीं लग रही? क्यों पुलिस और प्रशासन के लोग मांझे के खतरे को लेकर बेखबर ही बने हैं? क्यों ओवर ब्रिज के ऊपर पतंगों के उड़ाने पर पालिका या पुलिस प्रतिबंध नहीं लगा रही? ये सभी सवाल किसी दिन कोई बड़े जानलेवा हादसे को जन्म भी दे सकते हैं ऐसी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।
मामला संज्ञान में आया है। शुक्रवार को पूरे जिले भर में अभियान चलाकर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर रोंक लगाई जाएगी। जहां भी ये मांझा मिला उसे नष्ट कराकर दुकानदार पर कार्रवाई की जाएंगी।
-संकल्प शर्मा, एसपी |
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