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बरेली कालेज में परीक्षा देकर निकलते छात्र-छात्राएं
जागरण संवाददाता, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से संबद्ध कालेजों में गुरुवार को बीसीए की परीक्षा कराई गई। इसमें बरेली कालेज में पंजीकृत 300 परीक्षार्थियों के सापेक्ष मात्र 10 प्रश्नपत्र भेजे गए। वहीं, कालेज को भी सही एनआर (न्यूमेरिकल रिपोर्ट) नहीं उपलब्ध कराई गई, जिससे परीक्षा समय तक विद्यार्थी परिसर में प्रवेशपत्र लिए भटकते रहे।
आनन-फानन में फोटोकापी कराने के बाद 20 मिनट देरी से परीक्षा शुरू हो सकी। इससे पहले भी प्रश्नपत्र में उत्तर प्रकाशित करने की लापरवाही से छात्र-छात्राएं परेशान हुए थे। बरेली कालेज में गुरुवार सुबह 11:30 बजे से द्वितीय पाली में बीसीए के कंप्यूटर ग्राफिक्स एवं एनिमेशन विषय की परीक्षा कराई जानी थी।
इससे पहले शिक्षकों ने विश्वविद्यालय से प्राप्त हुए प्रश्नपत्रों को चेक किया, जिनकी संख्या मात्र 10 निकली। जब विद्यार्थियों का प्रवेश होने लगा तो पता चला कि छात्रों की संख्या 10 नहीं बल्कि 300 हैं। इस आंकड़े का विवि की ओर से पूर्व में दी गई छात्र संख्या से मिलान नहीं हुआ।
ऐसे में कालेज की कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक प्रो. बीनम सक्सेना ने तत्काल विश्वविद्यालय से संपर्क साधा, छात्रों के बैठने की व्यवस्था कराई गई। 10 पेपर की फोटोकापी कराने के बाद छात्रों को प्रश्नपत्र वितरित किए जा सके। ऐसे में परीक्षा निर्धारित समय से 20 मिनट देरी से शुरू हो सकी।
पर्चियों से नकल करते पकड़ा छात्र
चीफ प्राक्टर प्रो. आलोक खरे के मुताबिक, कालेज में बीसीए तृतीय सेमेस्टर के कंप्यूटर ग्राफिक्स एंड एनिमेशन विषय की परीक्षा चल रही थी। इस दौरान प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने परीक्षा कक्षों की चेकिंग की, जिसमें एक छात्र संदिग्ध हरकतें करते दिखा। जांच की गई तो उसके पास से हस्तलिखित पर्चियां मिलीं। ऐसे में नकल सामग्री और उत्तरपुस्तिका को जब्त कर सूचना विश्वविद्यालय भेज दी गई।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा के अनुसार छात्रों की अलग-अलग पाली में निर्धारित संख्या नहीं भेजी जा रही है। ऐसे में परीक्षा कराने में कई बार बाधा उत्पन्न हो चुकी है। गुरुवार को भी 300 छात्रों के आने से अफरातफरी का माहौल बन गया, प्रश्नपत्र को फोटोकापी कराकर परीक्षा कराई गई।
- प्रो. बीनम सक्सेना, कार्यवाहक परीक्षा नियंत्रक, बरेली कालेज
बीसीए के प्रश्नपत्र कम पहुंचे या फिर न्यूमेरिकल रिपोर्ट में गड़बड़ी हो रही है। इस संबंध में जांच कराई जाएगी, ताकि समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
- डा. अमित सिंह, मीडिया सेल प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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