प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, नोएडा। स्पोर्ट्स सिटी परियोजना का मूल स्वरूप न बिगड़े इसके लिए नोएडा प्राधिकरण 23 शर्त लगा दी है। यह सभी शर्त सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शामिल की गई है, क्योंकि स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट ने तमाम आदेश जारी किया है।
इसमें प्राधिकरण को पैसा देने वाले बिल्डरों के संशोधित मानचित्र को स्वीकृत करने को कहा गया है। इस आदेश को बोर्ड बैठक में प्रस्ताव लाकर मंजूरी प्राप्त कर ली है। अब संशोधित मानचित्र देने वाले बिल्डरों को 23 शर्त के आधार पर ही अनुमति प्रदान की जाएगी। शर्त में 70 : 30 के अनुपात में ही होगा काम होगा। 40 हजार फ्लैट खरीदारों को राहत मिलेगी।
प्राधिकरण सीईओ डाॅ. लोकेश एम ने बताया कि सेक्टर-150 स्थित एससी-02 में बने प्रोजेक्ट में छह टावर (ए-1, ए-2, बी-1, बी-2 , बी-3 व सी-1) गोदरेज ब्रिक राइस के लिए अधिभोग प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। ये निर्णय प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में लिया।
हालांकि, प्राधिकरण ने इसके लिए बिल्डर पर कई शर्त भी लगाई है। ये शर्त ब्रोशर के अनुसार निर्माण, सुरक्षा, स्पोर्ट्स एक्टिविटी, एनजीटी के नियम और टाइम एक्सटेंशन जैसी करीब 23 से ज्यादा शर्त है। इससे करीब 458 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है।
बिल्डर को स्पोट्टर्स सिटी में 70:30 रेशियों रखना होगा। यानी 70 प्रतिशत हिस्से में स्पोर्ट्स एक्टिविटी और 30 प्रतिशत में आवासीय सुविधा देनी होगी। इस अधिभोग में टावर के साथ लगा क्षेत्र सम्मिलित नहीं है। यह क्षेत्र स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के 70 प्रतिशत का हिस्सा है। आवंटी संस्था द्वारा वाणिज्यिक विभाग से नियमानुसार टाइम एक्सटेंशन प्रमाण पत्र लेना होगा।
यह प्रमुख शर्त शामिल हुईं
- एनजीटी में योजित प्रार्थना पत्रों के निर्णय के अनुपालन में आवंटी संस्था बाध्य है।
- नोएडा भवन नियमावली 2010 , उप्र अपार्टमेंट एक्ट 2010 व 2016 उप्र रियल स्टेट रेग्यूलेटरी एक्ट 2016 , पर्यावरण विभाग के सभी अधिनियमों का पालन करना होगा।
- आवंटी संस्था नेशनल बिल्डिंग कोड एनबीसी में उल्लेखित शर्तो का पालन करना होगा।
- मानचित्रों और अधिभोग प्रमाण पत्र में दर्शायी गई माप, क्षेत्रफल, पार्किंग , हरित एरिया, सुविधाएं तथा सेवाओं को पूर्व में स्वीकृति के सापेक्ष प्राधिकरण की बिना पूर्व अनुमति के
- स्थल पर परिर्वतन या संसोधन आदि किया जाना अनधिकृत माना जाएगा। उसे तत्काल ध्वस्त किया जाएगा।
- ब्राेशर में दिए गए सेवाओं को पूरा करना होगा।
- योजना में शामिल में जल , विद्युत, सीवरेज, अग्निशमन , लिफ्ट, वर्षा जल प्रणाली, जल संरक्षण , रिसाइकलिंग जैसे कार्यो को हमेशा कार्यशील स्थिति में रखना होगा।
- आवंटी को योजना में बने टावर की सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करनी होगी। किसी की जान मॉल के नुकसार की जिम्मेदारी संस्था की होगी।
- आवंटी संस्था अपने यूनिट्स उप पट्टा धारकों को प्राधिकरण से अधिभोग प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ही फ्लैट पर कब्जा देगा।
- समायोजन शुल्क आंवटी को जमा करना होगा।
- सभी टावरों के बीच की दूसरी भवन विनियमावली के प्रावधानों के अनुरूप होगी।
- आवंटी संस्था को विजिटर कार पार्किंग की सुविधा परिसर के अंदर करनी होगी। सड़क पर कोई पार्किंग नहीं होगी।
- बेसमेंट पार्किंग में ही इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की व्यवस्था करनी होगी।
- इंटरनेट के लिए इंफ्रास्ट्रचर उपलब्ध कराना होगा।
- आशंक अधिभोग इस शर्त पर जारी किया जा रहा है कि दो महीने के अंदर परियोजना की सर्विसेज जिसमें सिवरेज, वाटर सप्लाई, ड्रेनेज, विद्युत, रोड, ग्रीन व ब्रोशर के तहत दिए गए क्षेत्र का डिमार्केशन का सत्यापन परियोजना विभाग से प्राप्त किया जाएगा।
- उप्र अपार्टमेंट एक्ट 2020 के अनुसार आवंटी संस्था को डीओडी एक महीने के अंदर वाणिज्यिक विभाग में उपलब्ध कराते हुए उसकी एक प्रति नियोजन विभाग में देनी होगी।
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