तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, भागलपुर।
की बजट सीनेट की बैठक शनिवार को मारवाड़ी कालेज में हुई। अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेन्दु शेखर झा ने की। वित्तीय वर्ष 2026-2027 के 11.10 अरब रुपये के बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। हालांकि कुछ सदस्यों की मांग पर प्रभारी कुलपति ने त्रुटियों व अशुद्धियों को दूर करने के बाद ही संशोधित बजट राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया।
शिक्षण और शोध को बढ़ावा
बैठक के दौरान शिक्षण व शोध को बढ़ावा देने, परीक्षाओं का नियमित संचालन और शैक्षणिक सत्रों के नियमितीकरण पर जोर दिया गया। टीएमबीयू में कामकाज को पूरी तरह से पेपरलेस बनाने और कॉलेजों में व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। सीनेट सदस्यों ने जहां कई मुद्दों पर विश्वविद्यालय प्रशासन की आलोचना की, वहीं कई अहम सुझाव भी दिए।
सीनेट सदस्य पप्पू सिंह निषाद ने नवगछिया, नारायणपुर और बिहपुर के कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू करने की मांग की। प्रो. उग्र मोहन झा ने आंतरिक स्रोतों के उपयोग का सुझाव दिया, ताकि विश्वविद्यालय की आय बढ़ सके।
डॉक्टर से मांगा गया स्पष्टीकरण
मुजफ्फरपुर के अहमद ने स्वास्थ्य केंद्र व दूसरे जगह पर प्रशासनिक भवन बनाने का आग्रह किया। कुलपति ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति दयनीय है। मैंने केंद्र के डॉक्टर से पूछा कि एक माह में कितने का इलाज किए, इसका वे जवाब नहीं दे सके। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बजट पदाधिकारी से दवा का इंतजाम बजट में करने का निर्देंश दिया है। इसके साथ रंजीत कुमार ने कर्मियों के प्रमोशन व 58 कर्मियों में जो शिक्षणेतर कर्मी का मामला भी बजट में रखने की मांग की।
मृत्युंजय तिवारी ने विश्वविद्यालय स्टेडियम की जर्जर हालत और खिलाड़ियों को अग्रिम राशि नहीं मिलने की बात उठायी तो कुलपति ने कहा कि सभी का भुगतान हो गया है। जयप्रीत मिश्र ने पेंशन एरियर के लिए ओएसडी नियुक्त करने तथा कैलाश प्रसाद साह ने अनुदानित कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति का मामला उठाया।
छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति का मुद्दा
सीनेट सदस्य डॉ. राजेश कुमार तिवारी ने डीआरसी में वरीय शिक्षकों को स्थान नहीं मिलने और छात्राओं की 75 प्रतिशत उपस्थिति का मुद्दा उठाया। कुलपति ने कहा कि बीएनएमयू में ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया था, जबकि टीएमबीयू में अभी कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन नहीं हैं। अभी भी यहां डिग्री पर हस्ताक्षर करने में घंटों लग जाता है।
गेस्ट फैकल्टी से मूल्यांकन कराने के प्रस्ताव पर कुलपति ने कहा कि इसका कोई प्राविधान नहीं है। कुलपति ने बताया कि सभी भवनों की मरम्मत की अनुमति मिल चुकी है। इसके अलावा समांता सुरक्षा एजेंसी पर भी चर्चा करते हुए कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की संपति का जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई करने के साथ कई बिंदुओं पर जबाव मांगा गया है। समय पर बजट की कापी नहीं मिलने पर सीनेट सदस्य पुरुषोत्तम झा ने नाराजगी जताई।
छात्र संघ चुनाव पर भी हुई चर्चा
सीनेट सदस्य जयप्रीत मिश्रा ने टीएमबीयू में वर्षों से छात्र संघ का चुनाव नहीं होने का मुद्दा उठाया। इस पर कुलपति ने डीएसडब्लू को नियम के मुताबिक कार्य करने का निर्देंश दिया। उन्होंने कहा कि छात्र संघ का प्रतिनिधि भी सीनेट में रहना चाहिए।
दूसरे का पाप झेल रहे हैं
कुलपति ने कहा कि उनके कार्यकाल में विश्वविद्यालय में काफी विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि जो भी समस्याएं हैं, उसके लिए वे दोषी नहीं है। वे प्रभारी कुलपति हैं, इसीलिए सीमित काम कर पाते हैं। कई काम के लिए राजभवन से अनुमति लेना होता है। वो ऐसा कर दिए है कि आने वाले कुलपति को कोई परेशानी नहीं होगी। इशारे में पूर्व कुलपति पर तंज कसते हुए कहा कि वे यहां दूसरे के पाप को झेल रहे हैं।
तिलकामांझी जयंती पर मिलेगी छुट्टी
तिलकामांझी जयंती पर छुट्टी का सवाल महादेव मंडल ने रखा। इस पर कुलपति ने कहा कि चार दिन का विशेष अवकाश है। इसमें एक अवकाश को जयंती में शामिल कर लें। वहीं, संथाली भाषा की पढ़ाई का भी मुद्दा सीनेट की बैठक में उठा।
22 बीघा जमीन बचाने पर कुलपति ने धन्यवाद दिया
सिंडिकेट सदस्य डा. मृत्युंजय सिंह गंगा के द्वारा 22 बीघा जमीन बचाने के लिए कुलपति ने सभा में धन्यवाद दिया। इसके साथ कई सिंडिकेट सदस्यों ने भी गंगा को बधाई दी। कुलपति ने कहा कि गंगा ने अपने खर्च से कानूनी प्रक्रिया अपनाकर विश्वविद्यालय की जमीन बचाई है।
बजट में खर्च होने वाली राशि को सामने रखा गया
वित्तीय परामर्शी चतुर किस्कु ने बजटीय अभिभाषण पेश किया। जिसमें स्नातकोतर व महाविद्यालय के शिक्षकों के वेतनादि के मद में 85 करोड़ 14 लाख 92 हजार 313 रुपये का बजट रखा।
विश्वविद्यालय पदाधिकारियों व विश्वविद्यालय संबंद्व इकाइयां, स्नातकोतर विभाग, कॉलेज व छात्रावास के शिक्षकेतर कर्मियों के वेतन के मद में 50 करोड़ 81 लाख 25 हजार 708 रुपये का बजट पेश किया गया।
अतिथि शिक्षकों के मानदेय के मद में 9 करोड़ 84 लाख 50 हजार, संविदा पर कार्यरत कर्मियों के मद में 4 करोड़ 6 लाख 98 हजार 460 रुपये, पेंशनधारियों के पेंश्नादि व सेवानिवृत होने वाले शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मियों के पेंशन मद में 253 करोड़ 33 लाख 15 हजार 483 रुपये का प्रावधान।
शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारियों के बकाये वेतन व पेंशन मद में 54 करोड़ 18 लाख 71 हजार 981 रुपये, आउट सोसिंग के बकाया व नियमित मद में 13 करोड़ 93 लाख 462 रुपये, जस्टिस एसबी सिन्हा व जिस्टस अग्रवाल कमीशन से संबंधित कर्मियों के वेतन व पेंशनन मद में 105 करोड़ 38 लाख 4947, नैक के लिए नौ करोड़ 95 लाख का प्राविधान बजट में रखा गया है। |
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