कूनो में चीता (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीते अब अपनी सीमाएं लांघते हुए 150 से 200 किलोमीटर दूर ग्वालियर-मुरैना क्षेत्र तक पहुंचने लगे हैं। बढ़ती संख्या के चलते कुछ चीते लंबे समय से ग्वालियर-मुरैना इलाके में ही डेरा डाले हुए हैं और इन्हें नेशनल हाईवे पार करते हुए भी देखा गया है। यह बढ़ती चहलकदमी अब वन विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है।
वन विभाग ने शुरू की तैयारी
हाल ही में शिवपुरी हाईवे पर वाहन की टक्कर से एक चीते की मौत ने खतरे को और गंभीर कर दिया है। इसी को देखते हुए वन विभाग ने हाईवे को चीतों के लिए सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ग्वालियर से शिवपुरी तक के मार्ग पर रेलिंग लगाने, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए स्पीड कंट्रोलर और ऑटोमेटिक स्पीड कैमरे लगाने के लिए एनएचएआई को प्रस्ताव भेजने जा रहा है। इसके साथ ही वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए चीतों के आवागमन संबंधी चेतावनी बोर्ड भी लगाए जाएंगे।
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हो रहे दुर्घटना का शिकार
गौरतलब है कि 7 दिसंबर 2025 को घाटीगांव के सिमरिया टांका क्षेत्र में सड़क पार कर रहे चीते को एक कार ने टक्कर मार दी थी। यह चीता गामिनी का शावक था, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरा चीता बाल-बाल बच गया। इसी इलाके में आशा चीता का शावक भी काफी समय से देखा जा रहा है। वहीं मुरैना जिले में भी एक चीते की मौजूदगी दर्ज की गई है।
वन विभाग का मानना है कि कूनो से बाहर निकलकर चीते नए और उपयुक्त जंगली क्षेत्रों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में हाईवे और आसपास के इलाकों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। |
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