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जेफ्री हिंटन ने बताया AI का सच (फोटो-रॉयटर्स)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी (AI) के गॉडफादर माने जाने वाले और नोबेल पुरस्कार विजेता जेफ्री हिंटन ने एक बड़ी बात कही की है। हिंटन का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी भविष्य में लोगों की नौकरी जाने की वजह बन सकती है।
जेफ्री हिंटन का कहना है कि यह नई टेक्नोलॉजी बड़े पैमाने पर बेरोजगारी बढ़ा सकती है। इसका इस्तेमाल अमीर लोग अपने प्रॉफिट को बढ़ाने के लिए कर सकते हैं। हिंटन का यह भी कहना है कि इससे समाज में आर्थिक असमानता और भी ज्यादा बढ़ जाएगी।
AI नहीं \“पूंजीवादी व्यवस्था\“ में है दिक्कत
जेफ्री हिंटन ने सितंबर 2025 में दिए एक इंटरव्यू में बताया, \“अमीर लोग ज्यादा प्रॉफिट के लिए एंप्लॉय की जगह एआई का इस्तेमाल करेंगे, जिससे वे लोग और भी अमीर बनते जाएंगे जबकि ज्यादातर लोग गरीब रह जाएंगे।\“ हिंटन का कहना है कि \“यह समस्या तकनीक की नहीं बल्कि पूंजीवादी व्यवस्था की है।\“
हिंटन ने यही बात अगस्त 2025 में फॉर्च्यून पत्रिका को दिए इंटरव्यू में भी भविष्य में बढ़ने वाली बेरोजगारी को लेकर बाद कही थी। हिंटन ने कहा था, एआई कंपनियां लॉन्ग-टर्म इंपेक्ट की जगह शॉर्ट-टर्म गेन में ही खुश हैं। इसका मतलब है कि AI कंपनी थोड़े से मुनाफे में ही खुश रहती हैं।
आज के समय में लोगों को नौकरी दे रहा AI
हिंटन का कहना है कि हालांकि लोगों को निकालकर AI से काम कराने से उन्हें कुछ ज्यादा फायदा नहीं होता है। हिंटन का यह भी कहना है कि AI नौकरी के नए अवसर भी पैदा कर रहा है, खासकर उन युवाओं के लिए जो हाल ही में नौकरी के अवसर तलाश कर रहे हैं।
न्यूयॉर्क फेड ने एक रिसर्च में पता लगाया कि एआई का इस्तेमाल करने वाली कंपनियां अपने एंप्लॉय को निकालने की जगह उन्हें AI से जुड़ी बातों के बारे में बता रही हैं और उन्हें प्रशिक्षण दे रही हैं। लेकिन भविष्य में AI की वजह से कंपनियों में छंटनी की आशंका बनी हुई है।
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