शहरी गरीबों को मिलेगा पीएम आवास, शासन से मिली स्वीकृति
जागरण संवाददाता, गाजीपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जनपद के शहरी गरीबों को बड़ी राहत मिली है। शासन स्तर से जनपद के लिए लगभग 2400 आवासों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इससे नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ऐसे परिवारों को लाभ मिलेगा, जो वर्षों से पक्के आवास का सपना देख रहे थे।
योजना के तहत पात्र आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। जनपद में तीन नगरपालिका नगरपालिका गाजीपुर, जमानियां, मुहम्मदाबाद और पांच नगर पंचायत सैदपुर, सादात, जंगीपुर, बहादुरगंज व दिलदारनगर हैं।
यहां के बेघर लोगों के लिए डूडा की ओर से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेजी गई थी, जिस पर स्वीकृति मिलते ही आवास निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इन आवासों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से कराया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी को केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त अनुदान के रूप में निर्धारित धनराशि प्रदान की जाएगी, जो सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आवास स्वीकृति के बाद संबंधित निकायों द्वारा लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही पहली किस्त जारी कर दी जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और समयबद्ध रूप से आवास पूर्ण कराए जा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में रहने वाले बेघर और कच्चे मकानों में निवास कर रहे गरीब परिवारों को सुरक्षित, पक्का और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
इस योजना से न केवल गरीब परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा और स्थायित्व भी मिलेगा। डूडा ने पात्र लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज पूर्ण कर सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें, ताकि योजना का लाभ शीघ्र मिल सके।
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तीन किस्तों मेंं मिलेंगे 2.50 लाख
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत लाभार्थियों को आवास निर्माण के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता किस्तों में दी जाती है। यह धनराशि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त अंशदान से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। लाभार्थी के सत्यापन के बाद पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये जारी किए जाते हैं।
इसके बाद मकान की नींव और लिंटर स्तर तक निर्माण पूरा होने पर स्थल निरीक्षण व जियो टैग फोटो अपलोड के उपरांत दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये की धनराशि दी जाती है। आवास का निर्माण पूर्ण होने और अंतिम सत्यापन के बाद तीसरी व अंतिम किस्त के रूप में एक लाख रुपये जारी किए जाते हैं। |
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