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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश रचने के आरोप में गुरुग्राम स्थित एक सड़क निर्माण कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी की राशि करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस के अनुसार, प्रीत विहार इलाके में स्थित एक एनबीएफसी के निदेशक आदित्य जैन ने ईओडब्ल्यू में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि गुरुग्राम की सड़क निर्माण कंपनी के निदेशकों ने अपनी कंपनी की आर्थिक स्थिति, कारोबार और परियोजनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। इन भ्रामक दावों के आधार पर शिकायतकर्ता कंपनी ने उन्हें मोटा लोन मंजूर कर दिया।
आरोपितों ने दावा किया था कि उनकी कंपनी आरबीआइ ग्रेड-81 साइल स्टेबलाइजर का निर्माण करती है और उनके पास बड़े स्तर के हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के अनुबंध हैं। इन दावों पर भरोसा करते हुए आदित्य जैन की कंपनी ने अप्रैल और जून 2022 में दो अलग-अलग समझौतों के तहत कुल चार करोड़ रुपये का लोन दिया।
शिकायत में यह भी बताया गया कि लोन एग्रीमेंट के तहत शिकायतकर्ता कंपनी को सड़क निर्माण कंपनी में साढ़े सात प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई थी। साथ ही यह शर्त तय हुई थी कि शिकायतकर्ता की सहमति के बिना न तो कंपनी के शेयर होल्डिंग पैटर्न में कोई बदलाव किया जाएगा और न ही बोर्ड आफ डायरेक्टर्स में किसी तरह का संशोधन होगा।
जल्द ही आरोपितों को पूछताछ के लिए करेगी तलब
आरोप है कि इसके बावजूद आरोपितों ने नए शेयर जारी कर शिकायतकर्ता की हिस्सेदारी घटा दी और बिना अनुमति एक नए निदेशक की नियुक्ति भी कर दी। जब लोन चुकाने का समय आया तो आरोपितों ने भुगतान टालने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाए। दबाव बढ़ने पर उन्होंने 5.69 करोड़ रुपये के पांच चेक दिए, लेकिन बैंक में प्रस्तुत करने पर सभी चेक बाउंस हो गए। बैंक की ओर से बताया गया कि चेक पर हस्ताक्षर मेल नहीं खाते थे, जिस कारण भुगतान नहीं हो सका।
ईओडब्ल्यू ने शिकायत के आधार पर छानबीन की, जिसमें यह सामने आया कि धोखाधड़ी की कुल रकम करीब 10 करोड़ रुपये तक हो सकती है। पुलिस अब आरोपितों की भूमिका, धन के दुरुपयोग और कंपनी के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। ईओडब्ल्यू जल्द ही आरोपितों को पूछताछ के लिए तलब करेगी, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। |
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