176 वर्षों में तीसरा सबसे गर्म साल रहा 2025
रॉयटर, ब्रसेल्स। साल 2025 पिछले 176 वर्षों में दुनिया का तीसरा सबसे गर्म वर्ष रहा। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्लयूएमओ) ने पुष्टि की है कि धरती ने अब तक का सबसे लंबा दौर 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक औसत तापमान के साथ पूरा किया है।
डब्लयूएमओ द्वारा संकलित आठ वैश्विक जलवायु आंकड़ों में से छह जिनमें यूरोपीय संघ का ईसीएमडब्ल्यूएफ और ब्रिटेन की मौसम सेवा शामिल हैं, ने 2025 को तीसरा सबसे गर्म साल बताया, जबकि दो ने इसे दूसरा स्थान दिया।
अमेरिकी एजेंसी एनओएए के अनुसार भी 1850 से शुरू रिकॉर्ड में 2025 तीसरे स्थान पर है। सबसे गर्म साल का रिकॉर्ड 2024 के नाम है।
पहली बार तीन साल तक 1.5 डिग्री से ऊपर तापमान
ईसीएमडब्ल्यूएफ के मुताबिक, 2025 ने पहला ऐसा तीन वर्षीय दौर पूरा किया, जिसमें औसत वैश्विक तापमान औद्योगिक युग से 1.5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
विज्ञानियों का कहना है कि यह सीमा पार होने से लंबी और घातक हीटवेव, भीषण तूफान, बाढ़ और सूखे जैसी आपदाएं बढ़ेंगी।
वर्तमान में धरती का दीर्घकालिक तापमान औसतन 1.4 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जबकि 2024 में पहली बार वार्षिक औसत 1.5 डिग्री पार हुआ। एनओएए के अनुसार 2025 में तापमान औद्योगिक काल से 1.34 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।
चेतावनी साफ-रास्ता बदलना होगा
पेरिस समझौते के तहत 1.5 डिग्री सीमा से बचने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन उत्सर्जन में कमी न होने के कारण यह 2030 से पहले टूट सकता है।
विशेषज्ञों ने चेताया है कि अब सवाल यह नहीं कि सीमा पार होगी या नहीं, बल्कि यह है कि इसके विनाशकारी असर को कितना संभाला जा सकेगा। |