जागरण संवाददाता, शामली। विदेश में नौकरी के नाम पर छह युवकों से 26 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपितों ने पहले सिंगापुर के फर्जी टिकट दिए। जब एयरपोर्ट से वापसी कर दिया गया तो इसके बाद मलेशिया के टिकट दिए। आरोप है कि दो लोगों को मलेशिया में दो दिनों तक बंधक बनाकर भूखा रखा गया। इसके बाद भारत से रुपये जाने के बाद वह वापस लौटे।
पीड़ित पक्ष ने शामली एसपी को शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की। एसपी के आदेश पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी। कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला आजाद चौक निवासी हमजा ने एसपी कार्यालय में दिए प्रार्थना-पत्र में बताया कि सात जुलाई 2025 को मेरठ के रहने वाले तीन लोगों ने मलेशिया, क्रोएशिया और सिंगापुर की एक मल्टीनेशनल कंपनी में स्टोरकीपर की नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
उन्होंने हमजा के अलावा आजाद चौक निवासी अकरम, कांधला निवासी अनस सैफी, शामली के मुहल्ला हरेंद्र नगर निवासी अनस, कांधला निवासी आकिल और सलेक विहार निवासी कैफ अली समेत सभी से 26 लाख रुपये में विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद 26 अक्टूबर को क्रोएशिया और सिंगापुर के फर्जी छह टिकट दिए गए।
इसके बाद हमजा और अनस का मेडिकल कराने के नाम पर 25 हजार 600 रुपये लिए गए। फर्जी टिकट होने के कारण सभी युवकों को एयरपोर्ट से वापस कर दिया गया। इसके बाद आरोपितों ने मलेशिया के रास्ते सिंगापुर भेजने की बात कही और मलेशिया के टिकट दे दिए।
इससे पहले कुल 26 लाख रुपये तीनों आरोपियों को दे दिए गए थे। इसके बाद 20 दिसंबर को आकिल, अकरम और अनस को मलेशिया भेज दिया गया। एजेंट तीनों को लेकर गया। मलेशिया के एयरपोर्ट पहुंचते ही फर्जी होटल बुकिंग के चलते तीनों को डिपोर्ट कर दिया गया। वहां से एजेंट अनस को लेकर वापस शामली आ गया, जबकि आकिल और अकरम को एयरपोर्ट पर ही छोड़ दिया गया।
आकिल ने पिता इरफान को काल कर मामले की जानकारी दी गई। अकरम ने भी अपने पिता कर्म इलाही को पूरे मामले से अवगत कराया। इसके बाद स्वजन ने एक लाख 65 हजार रुपये टिकट के लिए जमा कराए। तीन जनवरी को दोनों युवक भारत वापस लौटे। मलेशिया में उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और दो दिन तक भूखा भी रखा गया। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। |
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