बगतराग पुष्पवाटिका में भूमि पूजन करते मंत्री व अन्य। जागरण
संवाद सहयोगी, हरलाखी (मधुबनी) । रामायण की पावन कथाओं से जुड़े स्थलों को एक सूत्र में पिरोने वाला रामायण सर्किट अब एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। अयोध्या, बक्सर और अहिल्या स्थान जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक केंद्रों के साथ अब कल्याणेश्वर धाम भी इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनने जा रहा है। इससे धार्मिक आस्था को नई ऊर्जा मिलेगी, साथ ही रामायण काल से जुड़े स्थलों की महत्ता और पहचान भी और सशक्त होगी। श्रद्धालुओं के लिए यह सर्किट अब आस्था, इतिहास और संस्कृति का और भी समृद्ध अनुभव प्रदान करेगा।
पर्यटन व कला संस्कृति मंत्री ने कही बड़ी बात
मंत्री बनने के बाद अयोध्या दर्शन से अपने कार्यकाल की शुरुआत कर बिहार में उन सभी स्थानों का भ्रमण किया, जो रामायण कालीन हैं। भ्रमण के उपरांत अयोध्या से बक्सर, अहिल्या स्थान, पुनौराधाम, फुलहर स्थान के साथ कल्याणेश्वर स्थान को भी रामायण सर्किट से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है।
आज मातृभूमि पर प्रभु श्रीराम व माता जानकी के प्रथम मिलन स्थली को पर्यटकीय रूप से विकसित करने के लिए भूमि पूजन का जो सौभाग्य मुझे मिला है उससे अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। उक्त बातें बिहार सरकार के पर्यटन व कला संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कही।
वे मधुबनी जिला के हरलाखी प्रखंड अंतर्गत फुलहर स्थान स्थित प्रभु श्रीराम व माता जानकी के प्रथम मिलन स्थली बगतराग पुष्पवाटिका को विकसित करने के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल थे।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक सह सचेतक सुधांशु शेखर, विधान पार्षद घनश्याम ठाकुर, पूर्व विधायक रामाशीष यादव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भोगेन्द्र ठाकुर व स्थानीय मुखिया बीना देवी सहित कई गणमान्य व साधु संत शामिल थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ने कहा मैं माता गिरिजा का आशीर्वाद लेकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही मन में इस स्थान को विकसित करने का विचार चल रहा था।
आज इस स्थान में भूमि पूजन कर मन को काफी सुकून मिल रहा है। आने वाले समय में हरलाखी के कल्याणेश्वर स्थान, विश्वामित्र आश्रम, बासोपट्टी के बभनदै पोखर व शिलानाथ स्थान सहित जयनगर में माता कमला को पर्यटन विभाग की ओर से विकसित किया जाएगा।
कार्यक्रम में सीतामढ़ी मुठिया बाबा स्थान के महंत किशोरी शरण मधुकर, जनकपुरधाम के राम भूषण दास विश्वामित्र स्थान के महंत ब्रजमोहन दास सहित कई साधु संत शामिल थे। भूमि पूजन कार्यक्रम से साधु संत व श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दिख रही थी।
जनकपुरधाम के संत रामभूषण दास ने बताया आज श्रीसीताराम भक्तों की बरसों पुरानी मांग पूरी हो रही है। इसके लिए हम सभी संत समाज वर्तमान सरकार को साधुवाद देते हैं। इस स्थान के विकसित होने से फुलहर स्थान को वैश्विक पटल पर ख्याति प्राप्त होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रथम मिलन स्थल समिति के अध्यक्ष झगरू यादव व संचालन समाजसेवी रंजीत ठाकुर ने की। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के जय जय सियाराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था।
श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल के आसपास श्री सीताराम के धुन में लीन दिख रहे थे। कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीएम शारंग पाणि पांडेय, एसडीपीओ अमित कुमार, बीडीओ रविशंकर पटेल, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार दर्जनों पुलिस बल के साथ मौजूद थे।
मौके पर समिति के सदस्य अमरेश यादव, जितेंद्र साह, प्रमोद गुप्ता, विजय मार्शल, रामकृपाल महतो, जंगबहादुर यादव, रामबहादुर ठाकुर, गौरीशंकर महतो, शिवचंद्र मिश्र, बंटी सिंह, रमेश मिश्र, स्थानीय समाजसेवी मनीष कुमार सिंह व प्रमोद साह सहित सैकड़ों गणमान्य मौजूद थे। |