केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तिरुवनंतपुरम में भाजपा नेताओं संग
नीलू रंजन, नई दिल्ली। दूसरे राज्यों की तरह की केरल में भी भाजपा का चुनाव प्रचार तो सुशासन और विकास ही होगा लेकिन सबरीमाला में सोने की चोरी को बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि अयोध्या राम मंदिर की तरह सबरीमाला मंदिर भी केरल में हिंदू जागरण का जरिया बन सकता है और चुनावों में उसका लाभ भाजपा को मिल सकता है।
सबरीमाला को चुनावी मुद्दा बनाएगी बीजेपी
माना जा रहा है कि पार्टी के प्रमुख चुनावी रणनीतिकार अमित शाह ने ही सबरीमाला को लेकर आक्रामक रहने को कहा है। इसके तत्काल बाद मकर संक्रांति के अवसर सबरीमाला मंदिर के लिए 10 हजार स्थानों पर दीप जलाकर भाजपा ने इसकी शुरूआत भी कर दी।
दरअसल सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी केरल में एक बड़ा मुद्दा बन गया है। इसकी जांच कर रही एसआइटी ने मंदिर के पुजारी के साथ-साथ इसका संचालन करने वाले त्रावनकोर देवासन बोर्ड के सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
शाह की सबरीमाला पर आक्रामक रणनीति
प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस लंबे समय से इसको लेकर विजयन सरकार पर हमलावर है और मामले की सीबीआइ जांच की मांग कर रही है। लेकिन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आइयूएमएल) के होने के कारण ज्यादा आक्रामक रूख अपनाने से परहेज कर रही है।
भाजपा के लिए ऐसी कोई बंदिश नहीं है। यही कारण है कि सबरीमाला को लेकर भाजपा एलडीएफ और यूडीएफ दोनों पर हमलावर है। रविवार को अमित शाह ने केरल में सबरीमाला की अस्मिता और आस्था को सुरक्षित करने का ऐलान किया।
शाह के निशाने पर विजयन सरकार
कांग्रेस की सीबीआई जांच की मांग से अलग हटकर उन्होंने निष्पक्ष एजेंसी से इसकी जांच कराने की जरूरत बताई। शाह ने साफ किया कि एलडीएफ और यूडीएफ दोनों में से कोई भी शबरीमाला की अस्मिता और आस्था को सुरक्षित नहीं रख सकता है।
उन्होंने कहा कि सबरीमाला मंदिर में हुई सोने की चोरी में पुजारी और त्रावणकोर देवासन बोर्ड के लोगों को गिरफ्तार कर बड़े आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
शाह का निशाना विजयन सरकार के पूर्व और मौजूदा देवासम मंत्रियों पर था। जाहिर है आने वाले दिनों में शबरीमाला को लेकर भाजपा की ओर से कई और कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है और इसे बड़े जनजागरण अभियान का रूप देने की योजना है। |
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