राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पुलिस सिपाही, समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी की भर्ती को लेकर पेपर लीक मामले में 18 आरोपितों के विरुद्ध सीबीआइ की विशेष अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत (सप्लीमेंटरी चार्जशीट) दाखिल की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दाखिल चार्ज शीट में ईडी ने राजीव नयन मिश्रा को पेपर लीक मामले का मास्टर माइंड बताया है।
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023, आरओ व एआरओ भर्ती परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में छह मार्च 2024 को मेरठ के कंकर खेड़ा थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी ने इसी एफआइआर के आधार पर मामले की जांच शुरू की थी। साथ ही अन्य थानों में दर्ज एफआइआर को भी जांच का आधार बनाया था।
जांच में यह बात सामने आई है कि सिपाही, आरओ व एआरओ भर्ती परीक्षा के पेपर आपराधिक साजिश के तहत लीक कराए गए थे। आरोपितों ने 11, 17 व 18 फरवरी 2024 को पेपर होने से पहले अभ्यर्थियों को उत्तर याद कराए थे। इससे पहले आरोपितों ने आरओ व एआरओ भर्ती की परीक्षा के पेपरों को अभ्यर्थियों को बेच कर 1.02 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इसे लेकर ईडी ने आरोपितों की 1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। इस मामले में ईडी पहले ही सात आरोपितों को गिरफ्तार कर चुका है।
बुधवार को दाखिल चार्ज शीट में ईडी ने मास्टर माइंड राजीव के अलावा अंकित शेखर, शुभम मंडल, मनीष शर्मा उर्फ मोनू, बिट्टू सिंह बहादुर, श्यामवीर सिंह, गौरव कुमार, सुनील रघुवंशी, विशाल दुबे, विवेक उपाध्याय, अमरजीत शर्मा, कामेश्वर नाथ, अमित सिंह, शरद सिंह, अरुण सिंह, नवीन सिंह, पुनीत सिंह और आयुष पांडेय को आरोपित बनाया है। |