जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिला शिक्षा विभाग में वॉट्सऐप के जरिए छुट्टी लेने की मनमानी पर अब पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी राज कुमार शर्मा ने आकस्मिक अवकाश को लेकर कड़े शब्दों में आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि वॉट्सऐप पर आवेदन भेजकर या बिना सूचना के अवकाश पर जाना नियमों का खुला उल्लंघन है और ऐसे मामलों में कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर उन्होंने निर्देश जारी किया है।
जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी पदाधिकारी एवं कर्मी केवल सक्षम प्राधिकारी से विधिवत स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही आकस्मिक अवकाश पर जा सकते हैं। हाल के दिनों में यह गंभीरता से देखा गया है कि कई कर्मी बिना पूर्व अनुमति के या केवल वॉट्सऐप मैसेज भेजकर कार्यालय से गायब हो जा रहे हैं।
विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और सरकारी कार्य में बाधा करार दिया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी हाल में पूर्व अनुमति के बिना अवकाश स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नियम तोड़ने वाले पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, वेतन रोक और अनुशासनात्मक दंड तक की कार्रवाई की जा सकती है।
आकस्मिक अवकाश के लिए जारी हुआ फॉर्मेट
आदेश के अनुसार, आकस्मिक अवकाश के लिए निर्धारित प्रपत्र में पदाधिकारी या कर्मी का नाम, पदनाम, शाखा का नाम, कुल स्वीकृत आकस्मिक अवकाश, पूर्व में ली गई छुट्टियों की संख्या, अवकाश की अवधि, अवकाश का कारण, शेष अवकाश तथा अवकाश के दौरान कार्य देखने वाले प्रतिनियुक्त कर्मी का नाम अनिवार्य रूप से अंकित करना होगा। अधूरा आवेदन या केवल डिजिटल संदेश के आधार पर छुट्टी मान्य नहीं होगी। |