जागरण संवाददाता, मेरठ। सीबीएसई के बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारियां अंतिम दौर में चल रही है जिसमें अब तक पढ़े हुए विषयों को विस्तार से रिवाइज करना जरूरी है। कक्षा 12वीं में विज्ञान विषय से पढ़ने वाले विशेषकर पीसीबी लेने वाले विद्यार्थियों के लिए बायोलाजी विषय महत्वपूर्ण है।
बायोलाजी का पेपर 27 मार्च को होगा। इस पेपर की तैयारी के लिए परीक्षार्थियों के पास करीब 72 दिन शेष हैं। बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए सेंट जोंस सीनियर सेकेंड्री स्कूल की पीजीटी बायोलाजी मनीषा गोस्वामी जरूरी सुझाव दे रही हैं।
मनीषा गोस्वामी के अनुसार जीवविज्ञान (बायोलाजी) केवल उन्हीं छात्रों के लिए हाई-स्कोरिंग विषय है जो स्पष्टता, निरंतरता और स्मार्ट रणनीति के साथ तैयारी करते हैं। सीबीएसई अब कम्पीटेंसी-बेस्ड प्रश्नों को अधिक महत्व दे रहा है। ऐसे में छात्रों से केवल तथ्यों को याद रखने की नहीं, बल्कि जैविक अवधारणाओं को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों में लागू करने, विश्लेषण करने और व्याख्या करने की अपेक्षा की जा रही है।
यहां से डाउनलोड करें सीबीएसई 12वीं बायोलाजी का मॉडल पेपर Model Paper for Biology.pdf
मनीषा गोस्वामी के अनुसार सिलेबस के गहन अध्ययन और यूनिट-वाइज अंक वितरण को समझना जरूरी है। बायोलाजी में प्रजनन यानी रिप्रोडक्शन 16 अंक, आनुवंशिकी एवं उत्क्रांति (जेनेटिक्स एंड इवोल्यूशन) 20 अंक, मानव कल्याण में जीवविज्ञान 12 अंक, जैव प्रौद्योगिकी 12 अंक, पारिस्थितिकी 10 अंकों का होता है। छात्र अधिक वेटेज वाले अध्यायों को पहले पढ़ें, उनका नियमित रिवीजन करें और हल्के अध्यायों पर जाने से पहले मजबूत आधार तैयार करें।
एनसीईआरटी ही है सबसे विश्वसनीय और अनिवार्य स्रोत
जीवविज्ञान के लिए एनसीईआरटी ही सबसे प्रमुख और भरोसेमंद स्रोत है। लगभग 50% प्रश्न, जिनमें कम्पीटेंसी-बेस्ड प्रश्न भी शामिल हैं, सीधे एनसीईआरटी की व्याख्याओं पर आधारित होते हैं। छात्र हर पंक्ति ध्यानपूर्वक पढ़ें, वैज्ञानिक शब्दावली को सही रूप में याद करें, सभी आरेख (डायग्राम) और सारणियों का अभ्यास करें, इन-टेक्स्ट व बैक-एक्सरसाइज प्रश्नों को हल करें, गहरी अवधारणात्मक समझ के लिए एनसीईआरटी एग्जम्पलर का अभ्यास करें, एनसीईआरटी की पूरी समझ ही उच्च अंक प्राप्त करने की सबसे पक्की राह है। सीबीएसई प्रश्न पत्र अब एक संतुलित संज्ञानात्मक संरचना यानी काग्निटिव फ्रेमवर्क पर आधारित है।
इसमें 50% ज्ञान और समझ (परिभाषाएं, आरेख, अवधारणा की व्याख्या), 30% अनुप्रयोग यानी एप्लीकेशन (वास्तविक जीवन की स्थितियां, प्रयोग, केस-बेस्ड प्रश्न) और 20% विश्लेषण, मूल्यांकन एवं सृजन (डाटा व्याख्या, तर्क, ग्राफ आधारित प्रश्न) प्रश्न शामिल हैं। इस वितरण को ध्यान में रखकर अभ्यास करना आवश्यक है। अब केवल सिद्धांत पढ़ना पर्याप्त नहीं है, अवधारणात्मक स्पष्टता और अनुप्रयोग क्षमता अनिवार्य है। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में वास्तविक जीवन से जुड़े कम्पीटेंसी-बेस्ड प्रश्न शामिल होंगे, जिससे रटने की बजाय समझ अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
डायग्राम, लेबलिंग और प्रभावी प्रस्तुति है जरूरी
सटीक आरेख यानी डायग्राम जीवविज्ञान में सबसे अधिक अंक दिलाने वाले क्षेत्र हैं। छात्र सभी एनसीईआरटी आरेखों का नियमित अभ्यास करें। पेंसिल का उपयोग करें, रेखाएं साफ और अनुपात सही रखें। लेबल स्पष्ट और सही लिखें, जहां संभव हो, छोटे सहायक आरेख या फ्लो-चार्ट जोड़ें।
कल देखें सीबीएसई 12वीं एकाउंटेंसी का माडल पेपर व आंसर की. |