नई दिल्ली। न्यू लेबर कोड (New Labour Code) के प्रभावी होने के बाद देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस को 1,289 करोड़ रुपये का झटका लगा है। दरअसल, कंपनी ने दिसंबर तिमाही की अपनी कमाई में 1,289 करोड़ रुपये का असाधारण चार्ज दिखाया है। लेबर कोड्स में बदलावों की वजह से पिछली सर्विस कॉस्ट से होने वाली ग्रेच्युटी लायबिलिटी में बढ़ोतरी हुई है और लीव लायबिलिटी में भी बढ़ोतरी हुई है, कुल मिलाकर 1,289 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसे कंसोलिडेटेड स्टेटमेंट ऑफ़ कॉम्प्रिहेंसिव इनकम में दिखाया गया है। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 12 जनवरी को नए लेबर कोड की वजह से 2,128 करोड़ रुपये और HCLTech ने 956 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल चार्ज बताया।
इंफोसिस ने कहा कि कानूनी राय और उपलब्ध जानकारी के आधार पर इन लेबर कानूनों में बदलाव के बढ़ते असर का आकलन किया।
इंफोसिस ने Q3 गाइडेंस बढ़ाया
इंफोसिस ने FY26 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को बढ़ा दिया है, जबकि लेबर कोड से जुड़े एक चार्ज के कारण तीसरी तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 2 प्रतिशत से ज़्यादा गिर गया, जिससे यह स्ट्रीट की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
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बता दें कि इंफोसिस का Q3 FY26 का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 2.2 प्रतिशत गिरकर 6,654 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार की उम्मीदों से कम रहा। हालांकि, इस IT कंपनी ने सीजन के हिसाब से कमजोर तिमाही में भी लगातार ग्रोथ और मजबूत डील हासिल की है। |